नैनीताल में तिब्बती समुदाय का विरोध मार्च! चीन के नए कानून को बताया 'काला कानून', संस्कृति, भाषा और धार्मिक पहचान बचाने के लिए आंदोलन जारी रखने का ऐलान
नैनीताल। नैनीताल में तिब्बती समुदाय ने चीन सरकार के नए कानून के विरोध में जुलूस निकाला। जुलूस मल्लीताल तिब्बती मार्केट से शुरू होकर बड़ा बाजार, मालरोड होते हुए तल्लीताल डांठ तक निकाला गया। चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने 1 जुलाई 2026 को चीन और तिब्बत में ‘एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस लॉ’ यानी जातीय एकता और प्रगति कानून लागू किया है। तिब्बती समुदाय का आरोप है कि इस कानून के तहत सरकार सभी जातीय समूहों पर जबरदस्ती मंदारिन भाषा, कम्युनिस्ट विचारधारा और सिनिसाइजेशन यानी चीनी संस्कृति में ढालने की प्रक्रिया थोपना चाहती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस काले कानून को कानूनी जामा पहनाकर तिब्बत की अनोखी संस्कृति, भाषा और पहचान को खत्म किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2 जुलाई को लोगा रंगत्सेन ने इस कानून के विरोध में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के सामने आत्मदाह कर जान दे दी। तिब्बती समुदाय ने कहा कि जब तक यह काला कानून रद्द नहीं होता, वे चुप नहीं बैठेंगे और लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे।