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उत्तराखण्ड में आसमान से आफत की बारिश! नैनीताल-बागेश्वर में स्कूलों पर लगा ब्रेक, 18 घंटे का रेड अलर्ट

editor
  • Awaaz Desk
  • September 01, 2026 01:09 PM
 Torrential downpour wreaks havoc in Uttarakhand! Schools closed in Nainital and Bageshwar; 18-hour 'Red Alert' issued.

नैनीताल/बागेश्वर। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बारिश के कारण जनजीवन के साथ-साथ यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर सड़कें मलबे और बोल्डर आने से बंद हो गई हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है। मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नैनीताल और बागेश्वर जिलों में 2 सितंबर, बुधवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालयों के साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से अगले 18 घंटों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 सितंबर की शाम से 2 सितंबर की सुबह तक नैनीताल और अल्मोड़ा के कई क्षेत्रों में बहुत भारी से अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान गर्जन, बिजली चमकने और बारिश के अत्यंत तीव्र दौर की भी आशंका जताई गई है।

नैनीताल और बागेश्वर में स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्र बंद
लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 2 सितंबर को जिले में कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालय बंद रहेंगे। इसके अलावा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। इसी तरह बागेश्वर जिले में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए 2 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

18 घंटे का रेड अलर्ट, कई इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी चेतावनी के मुताबिक 1 सितंबर की शाम 3 बजकर 58 मिनट से 2 सितंबर की सुबह 10 बजे तक भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। विशेष रूप से नैनीताल और अल्मोड़ा के कुछ इलाकों में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। चौखुटिया, भिकियासैंण, रानीखेत, भनोली, कटारमल, जैती, रामनगर, भीमताल, हल्द्वानी, मुक्तेश्वर, कोटाबाग, भवाली और द्वाराहाट सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम बेहद खराब रहने की आशंका है। बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली चमकने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

बागेश्वर में NH-109 समेत 16 मोटरमार्ग बंद
लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर बागेश्वर जिले के कपकोट और गरुड़ क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। तेज बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। पहाड़ों से मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़कों पर गिरने से यातायात प्रभावित हो गया है। जिले में बागेश्वर-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग NH-109 समेत कुल 16 मोटरमार्ग बंद होने की जानकारी सामने आई है। सड़कें बंद होने के कारण कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति बागेश्वर-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर रवाईखाल के पास बनी हुई है। यहां पहाड़ दरकने के कारण सड़क पर भारी मलबा और पत्थर आ गए, जिससे मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। सुबह करीब 10 बजे से सड़क बंद होने के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। NH-109 के बंद होने से आम यात्रियों के साथ जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहन फंसे हुए हैं। जानकारी के अनुसार एंबुलेंस, टैक्सी और देहरादून से बागेश्वर की ओर आ रही बस भी कई घंटे तक जाम में फंसी रही। इससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। वहीं बैजनाथ से एक मरीज को लेकर बागेश्वर जिला अस्पताल आ रही एंबुलेंस भी करीब डेढ़ घंटे तक जाम में फंसी रही। ऐसे में सड़क बंद होने के कारण आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ता नजर आया। मार्ग बंद होने की सूचना के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। सड़क पर आए भारी पत्थरों और मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया है। प्रशासन की ओर से जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से बंद सड़कों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि पहाड़ी से लगातार मलबा आने और भारी बारिश के कारण सड़क खोलने के काम में भी चुनौती बनी हुई है।

नैनीताल में मूसलाधार बारिश से जगह-जगह भूस्खलन
नैनीताल में भी सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर ज्योलिकोट के समीप पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ। इस दौरान मलबे की चपेट में एक कार आ गई और वाहन मलबे में फंस गया। गनीमत रही कि पहाड़ी से गिरे भारी बोल्डर कार को पूरी तरह अपनी चपेट में नहीं ले सके। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद सड़क पर आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों में भी दहशत फैल गई। नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर डोलमार के समीप भी बारिश के कारण हादसा सामने आया। यहां एक पेड़ टैक्सी वाहन के ऊपर गिर गया। पेड़ गिरने से टैक्सी क्षतिग्रस्त हो गई। लगातार बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में पेड़ गिरने और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में मार्गों पर आवाजाही करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। भीमताल के सलड़ी क्षेत्र में भी लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ। अचानक पहाड़ी दरकने और मलबा गिरने से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बारिश जारी रहने के कारण संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए मैदानी क्षेत्रों में स्थापित बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासनिक अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में जहां-जहां सड़कें बंद हुई हैं, उन्हें खोलने के लिए जेसीबी मशीनें भेजी गई हैं। संबंधित विभागों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।


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