• Home
  • News
  • Tragic incident in Darbhanga: Two young lives lost after falling into a water-filled pit while playing; grief grips Jalwara village.

दरभंगा में दर्दनाक हादसा: खेलते-खेलते पानी भरे गड्ढे में समा गई दो मासूमों की जिंदगी, जलवारा गांव में पसरा मातम

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 28, 2026 11:06 AM
Tragic incident in Darbhanga: Two young lives lost after falling into a water-filled pit while playing; grief grips Jalwara village.

दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। केवटी थाना क्षेत्र के जलवारा गांव में शनिवार की शाम खेलते-खेलते दो मासूम बच्चों की पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे जलवारा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है। वहीं, दोनों पीड़ित परिवारों में चीख-पुकार मची हुई है। अपने जिगर के टुकड़ों को अचानक खो देने वाली माताओं का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें सांत्वना देने पहुंचे ग्रामीणों के आंसू भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम जलवारा गांव के पूर्व दिशा में स्थित एक मैदान के पास गांव के ही कई बच्चे हमेशा की तरह खेल रहे थे। मैदान के समीप ही एक बड़ा और गहरा गड्ढा था, जो हालिया दिनों में हुई बारिश के कारण पानी से लबालब भरा हुआ था। खेलते-खेलते अचानक 10 वर्षीय मो. कासिम और 8 वर्षीय मो. कमरान नहाने के इरादे से उस पानी भरे गड्ढे में उतर गए। गड्ढे की गहराई का अंदाजा न होने के कारण दोनों मासूम कुछ ही पलों में गहरे पानी में समाने लगे और डूबने लगे। दोनों बच्चों को पानी में डूबता देख साथ खेल रहे अन्य बच्चों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत चीखना-चिल्लाना और शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और खेतों में काम कर रहे परिजन बदहवास हालत में दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत पानी में छलांग लगाई और काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला। लेकिन, अफसोस तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गड्ढे से बाहर निकाले जाने से पहले ही दोनों मासूमों की सांसें थम चुकी थीं। हादसे की खबर जैसे ही गांव में फैली, घटनास्थल पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मासूमों के निष्प्राण शरीरों को देखकर परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अपने बच्चों के शवों से लिपटकर माताएं बेसुध हो गईं। गांव की बुजुर्ग महिलाएं और पड़ोसी लगातार पीड़ित माताओं को ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन अपनी आंखों के सामने बच्चों को खोने का गम शब्दों से परे था। मृतकों की पहचान जलवारा निवासी मो. जहांगीर के पुत्र मो. कासिम (10 वर्ष) और मो. शमशाद के पुत्र मो. कमरान (8 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी भास्कर कुमार मंडल और केवटी थानाध्यक्ष सदन राम पुलिस बल के साथ तुरंत जलवारा गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी। इस बीच, शोकाकुल परिजनों ने दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों के आग्रह और ग्रामीणों की सहमति के बाद, पुलिस ने स्थानीय स्तर पर पंचनामा तैयार किया और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। शनिवार की देर शाम गमगीन माहौल में दोनों बच्चों को सुपुर्द-ए-खाक (अंतिम संस्कार) कर दिया गया, जिसमें पूरा गांव शामिल हुआ। इस दुखद घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जलजमाव वाले गड्ढों और तालाबों के पास बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और जागरूक नागरिकों ने अपील की है कि अभिभावक अपने बच्चों पर विशेष नजर रखें और उन्हें पानी से भरे गड्ढों या जलाशयों के पास अकेले न जाने दें, ताकि भविष्य में ऐसे किसी भी हादसे को रोका जा सके।


संबंधित आलेख: