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बिहार का कायाकल्प: 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए ₹7 लाख करोड़ का ऐतिहासिक निवेश, एचयूडीसीओ संग एमओयू साइन

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 03, 2026 08:07 AM
Transforming Bihar: Historic ₹7 lakh crore investment for 12 greenfield satellite townships; MoU signed with HUDCO.

पटना। बिहार के विकास और शहरीकरण के इतिहास में शुक्रवार को एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया, जो राज्य की पूरी तस्वीर बदल कर रख देगा। बिहार सरकार राज्य में 12 अत्याधुनिक 'ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप' विकसित करने जा रही है, जिस पर कुल ₹7,00,000 करोड़ (7 लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा। इस महायोजना को धरातल पर उतारने के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की गरिमामयी मौजूदगी में नगर विकास विभाग और हुडको के बीच एक ऐतिहासिक दीर्घकालिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित इस कार्यक्रम को बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मेगा प्रोजेक्ट की वित्तीय रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इन 12 सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए राज्य सरकार खुद हुडको के माध्यम से ₹1,000,000 करोड़ (एक लाख करोड़ रुपये) का निवेश करने जा रही है। वहीं, योजना की विशालता को देखते हुए शेष ₹6,00,000 करोड़ (छह लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम निवेश बाहरी उद्यमियों, वैश्विक निवेशकों और निजी स्रोतों से आकर्षित किया जाएगा। इस अभूतपूर्व निवेश से बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर को एक नई ऊर्जा मिलेगी। यह महत्वाकांक्षी टाउनशिप परियोजना लगभग तीन लाख एकड़ से भी अधिक के विशाल भूखंड पर विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना में किसानों के हितों की रक्षा सर्वोपरि रखी गई है। जमीन अधिग्रहण के पारंपरिक तरीकों के बजाय, किसानों को ‘लैंड पुलिंग’ नीति के जरिए इस विकास यात्रा में सीधा भागीदार (पार्टनर) बनाया जाएगा। हमारे लिए रोजगार, निवेश और किसानों का हित सबसे ऊपर है। सरकार योजनाबद्ध, संतुलित और समावेशी शहरीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भूमि देने वाले किसानों को मुआवजे के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा; आवेदन करने वाले हर किसान को महज 30 दिनों के अंदर मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दूरदर्शी पहल से बिहारवासियों का एक आधुनिक और समृद्ध राज्य में रहने का सपना पूरा होगा। इस परियोजना की मदद से बिहार बहुत जल्द 35 प्रतिशत शहरीकरण के राष्ट्रीय स्तर के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रहेगा। इन नए शहरों के निर्माण से जहां एक तरफ राज्य के मुख्य शहरों पर आबादी का बोझ कम होगा, वहीं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बिहार के लाखों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए और असीमित अवसर पैदा होंगे। सरकार के मुताबिक, इन 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को पूरी तरह आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इन शहरों में रहने वाले नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं। चौड़ी और आधुनिक सड़कें, सुगम यातायात प्रणाली। 24 घंटे निर्बाध जलापूर्ति और उन्नत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट। निरंतर बिजली आपूर्ति और बड़े पैमाने पर हरित क्षेत्र (ग्रीन बेल्ट) का विकास। विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थान और अत्याधुनिक स्वास्थ्य/मेडिकल सुविधाएं। इस ऐतिहासिक कदम के बाद बिहार अब देश के अग्रणी और सबसे आधुनिक राज्यों की श्रेणी में खड़ा होने के लिए तैयार है। प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए अपनी कमर कस ली है।


 


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