बिहार में सफर होगा शानदार: मानसून से पहले 19,000 किलोमीटर सड़कों का कायाकल्प, पुलों की भी होगी हाईटेक मरम्मत
पटना। बिहार में आगामी मानसून और बरसात के मौसम को देखते हुए नीतीश सरकार के पथ निर्माण विभाग ने राज्य की परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कमर कस ली है। राज्य के नागरिकों को गड्ढा मुक्त और सुरक्षित सड़कें मुहैया कराने के उद्देश्य से पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य मानसून के दौरान भी राज्य की सड़कों और पुलों को पूरी तरह सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन के योग्य बनाए रखना है, ताकि आम जनता को भारी बारिश में भी कोई असुविधा न हो।
विभागीय आंकड़ों की जानकारी देते हुए मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने बताया कि वर्तमान में पूरे बिहार में लगभग 19 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों के जीर्णोद्धार और मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और इंजीनियरों को कड़े लहजे में निर्देश दिए हैं कि कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि राज्य का सड़क नेटवर्क न केवल आधुनिक हो, बल्कि यात्रियों के लिए सुखद और सुरक्षित भी बने। इसके लिए सड़कों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। सड़कों के साथ-साथ हाल के दिनों में पुलों को लेकर पैदा हुई चिंताओं के बीच विभाग ने इस पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि विभाग के अंतर्गत आने वाले राज्य के सभी छोटे-बड़े पुलों की सुरक्षा और स्थिति की समीक्षा प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इस जांच में जिन भी पुलों में मामूली टूट-फूट या मरम्मत की आवश्यकता पाई गई है, वहां काम शुरू करा दिया गया है। अन्य चिन्हित पुलों पर भी चरणबद्ध तरीके से सुधार कार्य जारी है। अक्सर देखा जाता है कि बरसात के दिनों में जलजमाव या सड़कों के अचानक धंसने से यातायात ठप हो जाता है। इसे रोकने के लिए विभाग इस बार पहले से ही अलर्ट मोड पर है। हमारा मुख्य उद्देश्य यह है कि भारी मानसून के दौरान भी आम जनता को आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी न झेलनी पड़े। विभाग चौबीसों घंटे निगरानी रख रहा है ताकि बिहार की परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव आए और आम नागरिकों का सफर हर मौसम में सुगम बना रहे।