टनल हादसाः सुरंग में फंसी ऑगर मशीन बाहर निकली! 41 मजदूरों के रेस्क्यू के लिए अब होगी वर्टिकल ड्रिलिंग, दो और टीमें पहुंची
देहरादून। उत्तरकाशी में सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए लगी ऑगर मशीन से ड्रिलिंग के दौरान बार-बार आ रही दिक्कतों के चलते उसे बाहर निकाल लिया गया हे। बचाव कार्य में लगे लोग अब वर्टिकल ड्रिलिंग के साथ ही हाथ से ड्रिलिंग के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। इस बीच सतलुज जल विद्युत निगम तथा तेल और प्राकृतिक गैस आयोग की टीम वहां पहुंच गई है। मजदूरों के बिल्कुल करीब पहुंचकर काम रुक जाने से बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार शाम को कहा कि उत्तराखंड में सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए ड्रिलिंग “जल्द ही” फिर से शुरू होगी। एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने बचाव कार्यों की प्रगति पर मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि बाधाओं के कारण गुरुवार को ड्रिलिंग प्रक्रिया रोक दी गई थी और बरमा मशीन द्वारा ड्रिलिंग को फिर से शुरू करने के लिए मरम्मत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार से, मलबे के माध्यम से सुरंग में पाइप की आवाजाही के मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है… हमें उम्मीद है कि जल्द ही बरमा मशीन काम करना शुरू कर देगी। हसनैन ने यह भी कहा कि यह संघर्ष भारत के उन वीर सपूतों को बचाने के लिए लड़ा जा रहा है, जो सिल्कयारा सुरंग में मेहनत कर रहे थे। उन्होंने कहा किकिसी भी तरह से फंसे हुए मजदूरों को बचाया जाएगा क्योंकि सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। उनके मुताबिक फंसे हुए मजदूरों तक पहुंचने के लिए अभी भी करीब 15 मीटर की ड्रिलिंग बाकी है।