ऊधम सिंह नगरः रुद्रपुर में भाजपा नेता और उसके भाई की गिरफ्तारी को लेकर कोतवाली में गरमाया माहौल! वाल्मीकि समाज ने किया जोरदार हंगामा
रुद्रपुर। भाजपा नेता और उसके भाई पर मारपीट और जानलेवा हमला करने के आरोप में दर्ज मुकदमे के बावजूद गिरफ्तारी न होने से वाल्मीकि समाज में आक्रोश भड़क उठा। रविवार को बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग रुद्रपुर कोतवाली पहुंच गए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कोतवाली परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। कई घंटे तक चले हंगामे और वार्ता के बाद समाज के लोगों ने पुलिस को सोमवार शाम चार बजे तक का समय दिया है। तय समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर हाईवे बंद करने और शहर की सफाई व्यवस्था ठप करने की चेतावनी दी गई है।
जानकारी के अनुसार, वाल्मीकि समाज के कुछ युवकों ने भाजपा मंडल महामंत्री पारस चुघ और उनके भाई सन्नी चुघ पर पुरानी रंजिश के चलते मारपीट करने, जानलेवा हमला करने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। रविवार को इसी नाराजगी के चलते वाल्मीकि समाज के लोग एकजुट होकर कोतवाली पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की और कोतवाली परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब मामले में नामजद मुकदमा दर्ज हो चुका है तो पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों कर रही है।
उनका आरोप था कि पुलिस की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं और जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कोतवाली में वाल्मीकि समाज के लोगों के धरने और हंगामे की सूचना मिलने पर महापौर विकास शर्मा और दर्जा राज्यमंत्री रामपाल सिंह भी मौके पर पहुंचे। दोनों ने धरने पर बैठे लोगों से बातचीत कर मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारियों से शांत रहने और पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा रखने की अपील की, लेकिन वाल्मीकि समाज के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार और वाल्मीकि समाज के लोगों से बातचीत की और उन्हें न्याय दिलाने की बात कही। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
कई घंटे चली वार्ता, सोमवार चार बजे तक का दिया समय
कोतवाली परिसर में काफी देर तक पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत होती रही। प्रदर्शनकारी लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे। उनका कहना था कि केवल मुकदमा दर्ज करने से उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई भी होनी चाहिए। कई घंटे की वार्ता के बाद वाल्मीकि समाज के लोगों ने पुलिस-प्रशासन को सोमवार शाम चार बजे तक का अल्टीमेटम दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय तक भाजपा नेता पारस चुघ और उनके भाई सन्नी चुघ की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।