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उत्तराखंड:मुक्त विवि के छठे दीक्षांत समारोह में 44 मेधावी छात्रों,विश्वप्रसिद्ध फोटोग्राफर पद्मश्री अनूप शाह,और रिवर्स माइग्रेशन पर उत्कृष्ट कार्य हेतु सच्चिदानंद भारती को राज्यपाल ने मानद उपाधि से किया सम्मानित

editor
  • Kanchan Verma
  • December 28, 2021 10:12 AM
Uttarakhand: 44 meritorious students, world-renowned photographer Padmashree Anoop Shah, and Sachchidanand Bharti honored with honorary degrees for the outstanding work on reverse migration at the 6th convocation of Open University

उत्तराखण्ड राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए स्वायत्तता तथा जवाबदेही दोनों ही जरूरी है। हमें उत्तरदायित्व से भी आगे बढ़कर स्व-उत्तरदायित्व की ओर जाना है। आत्मानुशासन बहुत जरूरी है। हमें अपने सिस्टम को इतना मजबूत बनाना है कि उसमें लीकेज के लिए कोई जगह ना बचे।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) मंगलवार को हल्द्वानी में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री डा धन सिंह रावत भी उपस्थित थे ।
      राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी के छठे दीक्षांत समारोह के अवसर पर 44 मेधावी छात्र छात्राओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। 

 


इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सच्चिदानंद भारती  तथा विश्व प्रसिद्ध फोटोग्राफर  अनूप शाह  को मानद उपाधि से सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा कि सच्चिदानंद भारती जी राज्य में रिवर्स माइग्रेशन, वन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। रिवर्स माइग्रेशन उत्तराखंड के लिए ज्वलंत मुद्दा है। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध फोटोग्राफर अनूप शाह ने अपनी उत्कृष्ट फोटोग्राफी के माध्यम से उत्तराखंड के संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्हें सम्मानित करके मैं स्वयं गर्व का अनुभव कर रहा हूं।


राज्यपाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा कहा कि विद्यार्थी अपने सोच विचार का स्तर बढ़ाएं, स्वयं पर भरोसा रखें। टीम वर्क में विश्वास रखें। सभी युवाओं से अनुरोध है कि भारतीय संविधान में बताए हुए मौलिक कर्तव्य को पढ़े, समझे और उनका पालन करें। विद्यार्थियों का अर्जित ज्ञान तभी सार्थक होगा जब इसका लाभ समाज को मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत, डिजिटल भारत, समृद्ध भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों को सफल बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। 
      राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय की व्यवस्था एक लचीली, सरल और सुगम व्यवस्था है। देश की उच्च शिक्षा में कुल पंजीकरण में 10ः से अधिक डिस्टेंस एजुकेशन का है। राज्यपाल ने कहा कि कोरोना के दौर हमें बहुत कुछ सिखा दिया है। ऑनलाइन और डिजिटल एजुकेशन का प्रचलन बढ़ गया है। आज ही हमारी जरूरत बन गई है। इससे मुक्त विश्वविद्यालय की अवधारणा को और भी अधिक मजबूती मिली है। शिक्षा तंत्र को डिजिटल और वर्चुअल मोड पर और भी अधिक मजबूत बनाने के लिए कार्य करना होगा। उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे राज्य के हर कोने तक पहुंचाना होगा। राज्यपाल ने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के दूरदराज इलाकों में डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से उच्च शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। उत्तराखंड के पर्वतीय तथा सीमांत क्षेत्रों के लिए डिस्टेंस एजुकेशन एक वरदान है। 
      राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि डिस्टेंस एजुकेशन का पाठ्यक्रम नवीनतम, अद्यतन, प्रभावी तथा प्रासंगिक होना जरूरी है। पाठ्य सामग्री में उच्च स्तरीय ज्ञान व गुणवत्तापूर्ण सामग्री बेहद सरल भाषा में होनी चाहिए।
      इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षक गण तथा छात्र- छात्राएं उपस्थित थे।


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