उत्तराखण्ड: इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना, कार के नीचे कपड़े में लिपटी मिली नवजात ने तीन दिन बाद तोड़ा दम! तीन संदिग्धों से पूछताछ जारी
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में सिंह कॉलोनी की चर्च रोड पर कार के नीचे कपड़े में लिपटी मिली नवजात बच्ची आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में तीन दिन तक उपचार के बाद सोमवार को बच्ची की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान पीलिया के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से दो महिलाओं समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ कर बच्ची को वहां छोड़ने के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम डायल 112 पर सूचना मिली थी कि सिंह कॉलोनी की गली नंबर एक स्थित चर्च के सामने खड़ी एक कार के नीचे कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची पड़ी है। सूचना मिलने पर आदर्श कॉलोनी चौकी से उपनिरीक्षक प्रदीप पंत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बच्ची को कार के नीचे से निकालकर गोद में लिया और उसे कपड़े पहनाए। बताया गया कि चर्च के पादरी अशोक जोन जब अपनी कार में बैठने पहुंचे तो उन्हें वाहन के नीचे नवजात बच्ची दिखाई दी। इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। बच्ची के बाएं हाथ में कैन्युला लगा हुआ था और नाभि में क्लिप लगी थी। इससे उसके पहले किसी अस्पताल में उपचार मिलने की संभावना जताई जा रही थी। पुलिस ने बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे उच्च उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान सोमवार को बच्ची की मौत हो गई। इधर इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। करीब 40 कैमरों की फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने दो महिलाओं को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं बाइक से वहां से फरार हुई थीं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है, ताकि बच्ची को वहां छोड़ने की वजह और घटना से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकें। सीओ सिटी विभव सैनी के अनुसार, नवजात बच्ची को इस तरह कार के नीचे छोड़ना उसकी जान के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता था। मामले में अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 91 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।