उत्तराखण्डः आखिर किसकी शह पर हुए घोेटाले पर घोटाले! सचिवालय रक्षक भर्ती मामले में एसटीएफ ने की पहली गिरफ्तारी, लिंक में पढ़ें क्या है कनेक्शन
देहरादून। प्रदेश में एक के बाद एक बड़े-बड़े घोटाले सामने आ रहे हैं यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में जहां बड़े-बड़े खुलासे हो रहे हैं वहीं अब सचिवालय रक्षक भर्ती घोटाले मामले में भी एसटीएफ ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में एसटीएफ की टीम द्वारा पहली गिरफ्तारी की गयी है और थाना रायपुर में एसटीएफ की ओर से मुकदमा दर्ज कराया था।
बताया जा रहा है कि एसटीएफ की टेक्निकल टीम ने यूकेएसएसएससी में गहन जांच बाद इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस पाने में सफलता प्राप्त की है। जिसके बाद बाराबंकी निवासी प्रदीप पाल से पूछताछ की गई। साक्ष्य व गहन पूछताछ के बाद एसटीएफ द्वारा प्रदीप पाल को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया गया है। आरोपित आरआइएमएस कंपनी का कर्मचारी था और आयोग में लंबे समय से कार्यरत था। बताया गया कि प्रदीप पाल के द्वारा ही पेन ड्राइव के माध्यम से प्रश्न पत्र चुराया गया था। इसके बाद अन्य साथियों की मदद से प्रदीप पाल ने परीक्षार्थियों को लाखों रुपए में पेपर बेचा था। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जो छात्र सचिवालय रक्षक परीक्षा में अनुचित साधन से उत्तीर्ण हुए हैं, उनको चिन्हित कर लिया गया है। वह अपने बयान खुद आकर दर्ज करवाएं।
अब यहां बड़ा सवाल यह उठता है कि प्रदेश में एकाएक घोटालों की बाढ़ जैसी आ गयी है। घोटाले भी ऐसे मामले में जहां युवाओं का भविष्य दाव पर लगा हो। परीक्षाओं में घोटाले होना हैरानी की बात है, ऐसे में आम जनता के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर किसकी शह पर इतने बड़े घोटालों को अंजाम दिया गया।