उत्तराखंड बिग ब्रेकिंग:नाईट कर्फ़्यू का बदला समय,अब रात 11 नही बल्कि इतने बजे से लगेगा नाईट कर्फ़्यू,कोरोना और ओमिक्रोन के मामलों की पूरी अपडेट खबर के लिंक में
उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने नाइट कर्फ्यू का समय बदल दिया है। अब रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाईट कर्फ़्यू पूरे राज्य में लागू होगा। इससे पहले रात 11:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक का समय नाइट कर्फ्यू को लेकर था हालांकि अभी कहीं और सख्त फैसले कोरोना को लेकर लिए जाने हैं।
उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में 505 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं एक भी संक्रमित की मौत नहीं हुई है। प्रदेश में अब तक 346468 लोग संक्रमित हो चुके हैं। आज 119 लोग ठीक हुए हैं। राज्य में अब एक्टिव केस 1000 हो गए हैं।
बुधवार को देहरादून जिले में 253 लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं। हरिद्वार में 64, नैनीताल में 55, पौड़ी में 60, टिहरी, अल्मोड़ा व चमोली में पांच, बागेश्वर में नौ, चंपावत में तीन, ऊधमसिंह नगर में 37, पिथौरागढ़ में छह, रुद्रप्रयाग में एक, उत्तरकाशी जिले में दो संक्रमित मिले हैं।
राजधानी देहरादून समेत पूरे राज्य भर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए शासन ने बिना मास्क के घूमने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
प्रदेश में अब तक ओमिक्रॉन वैरिएंट के आठ मामले सामने आए हैं, इनमें से पांच मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, बाकी तीन मरीज भी अब स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर से निपटने के लिए विभागीय स्तर पर पूरी तैयारी की गई है। ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर चल रहीं खबरों के बीच स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि अभी तक इस वैरिएंट ने कोई गंभीर रूप नहीं लिया है। अधिकांश रोगियों में यह बिना लक्षणों या हल्के-मामूली लक्षणों के साथ ही ठीक हो रहा है। ज्यादातर रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं पड़ रही है। उन्होंने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर किसी भी असामान्य स्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में 27 हजार 186 आइसोलेशन बेड, 13 हजार 674 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड, दो हजार 113 आईसीयू बेड, एक हजार 451 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। रोगियों के लिए 532 एंबुलेंस भी तैनात हैं। ओमिक्रॉन के प्रभावी नियंत्रण के लिए 22 हजार 420 ऑक्सीजन सिलिंडर, नौ हजार 828 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और 71 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट संचालित हो रहे हैं। जल्द ही 17 ऑक्सीजन प्लांट और शुरू होने वाले हैं।
कहा कि ओमिक्रॉन की तीसरी लहर से निपटने के लिए ग्राम स्तर तक तैयारी की गई है। इसके लिए प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बेड, ऑक्सीजन व टेस्टिंग की सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। तैयारियों को परखने के लिए जिलास्तर पर लगातार मॉकड्रिल भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की जांच के लिए प्रदेश में 11 लैब संचालित हो रही हैं, जिनमें रोजाना औसतन 15 हजार जांच की जा रही हैं।