उत्तराखंडः अंकिता भंडारी के गांव पहुंचीं ब्लॉगर ज्योति अधिकारी! माता-पिता से की मुलाकात, सौंपी सहायता राशि
पौड़ी गढ़वाल। ब्लॉगर ज्योति अधिकारी शुक्रवार को पौड़ी पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की। इसकी जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा की। ज्योति अधिकारी ने बताया कि अंकिता के परिजन पिछले चार वर्षों से न्याय के लिए भटक रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि अंकिता की घटना को लेकर उन्हें गहरा दुख है और वह पूरे परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करती हैं। वह हर परिस्थिति में अंकिता के परिवार के साथ खड़ी हैं और आज उनसे मिलकर उनका दुख बांटने का प्रयास किया। ज्योति अधिकारी ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर लोग परिवार और उनके घर को लेकर कई तरह की बातें करते हैं, लेकिन जब वह खुद उनके घर पहुंचीं तो उन्होंने देखा कि परिवार किन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार की एक ही मांग है, अंकिता को न्याय मिले। इस लड़ाई में वह आगे भी परिवार के साथ खड़ी रहेंगी। इस दौरान ज्योति अधिकारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के सहयोग से एकत्र की गई धनराशि अंकिता के परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप में सौंपी। ज्योति अधिकारी ने आरोप लगाया कि. अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने पर मुझे छह दिन जेल में भी रहना पड़ा था। अंकिता का परिवार पिछले चार वर्षों से न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिल पाया है। मैं आश्वासन देती हूं कि आगे भी अंकिता के परिजनों के साथ खड़ी रहूंगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करती रहूंगी। यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज की, बेटियों की सुरक्षा और न्याय की लड़ाई है।