उत्तराखण्डः गौरीकुंड केदारनाथ पैदल मार्ग से अस्थाई दुकानदारों को हटाने का मामला! नेता प्रतिपक्ष आर्य ने जताई हैरानी, प्रशासन की कार्यवाही पर उठाए सवाल
देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि गौरीकुंड केदारनाथ पैदल मार्ग पर जिला प्रशासन 9 अस्थाई दुकानदारों जिनमें कमजोर, गरीब तबके के स्थानीय लोग और महिला भी हैं उनको उजाड़ने की पूरी कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो में एक अधिकारी इन दुकानों को तोड़ने की कोशिश करते दिख रहे हैं एक अधेड़ महिला उस अधिकारी के पैरों में गिर कर अपनी अस्थाई दुकान को न हटाने की गुहार लगा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में ऐसे दृश्य सामंती युग की याद दिलाते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इन गरीबों को दुकान, कैंटीन आबंटित किए जाने से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण करने से साफ पता चल रहा है कि इन सभी गरीबों को जिला प्रशासन ने अपने द्वारा तय प्रक्रिया पूरी कर 6000 शुल्क लेकर दुकान लगाने का स्थान अंकित कर इन्हें दुकानें आवंटित की थी। ये सभी इस स्थान पर सालों से दुकान लगाते आए हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी दुकानदारों से एक समिति ने दुकान चलने के नाम पर 2-2 हजार रुपए की अवैध वसूली भी की है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अप्रैल के महीने दुकान आवंटित होने के बाद इन सभी दुकानदारों ने कर्ज लेकर समान लाकर आवंटित स्थान पर दुकान लगाई तो तहसीलदार दूसरे ही दिन दुकान हटाने पहुंच गया। अभी भी जिला प्रशासन इन दुकानों को उजाड़ने की धमकी दे रहा है।