उत्तराखंड-चंपावत:अनुसूचित जाति की भोजन माता के हाथ का बना खाना छोड़ने के मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताई सख्त नाराज़गी, डीआईजी को दिए सख्त कार्यवाही के निर्देश, पूरा मामला खबर के लिंक में
चंपावत जिले के टनकपुर में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज सुखीढांग में हाल ही में हुए भोजन माता का प्रकरण में सीएम धामी ने संज्ञान लेते हुए डीआईजी कुमाऊं डॉक्टर नीलेश आनंद भरणे को निर्देश देते हुए कहा है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए।उन्होंने कहा कि मामले में दुष्प्रचार करने वालो पर भी निगरानी रखी जाए।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के चंपावत जिले के टनकपुर में राजकीय इंटर कॉलेज सुखीढांग में अनुसूचित जाति की भोजन माता के हाथों से बना खाना बच्चों ने छोड़ दिया था,जिसके बाद वहाँ हड़कंप मच गया था।
जीआईसी सुखी ढांग में तैनात भोजन माता का कार्यकाल पूरा होने के बाद दूसरी नियुक्ति की गई। नियुक्ति के लिए कॉलेज की ओर से विज्ञप्ति निकाली गई थी,जिसके लिए दस भोजन माताओं ने आवेदन किया,25 नवंबर को विद्यालय प्रबंध समिति और पीटीए ने प्रधानाचार्य और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में अधिकतर आवेदक महिलाओं की सहमति पर परित्यक्ता पुष्पा भट्ट को भोजन माता चुना,और सूचना विभाग के अधिकारियों को भी दे दी गयी,लेकिन अचानक एससी वर्ग की महिला की नियुक्ति कर दी गयी,जिसके बाद बखेड़ा खड़ा हो गया।अब विद्यालय में बच्चे एससी वर्ग की भोजन माता के हाथों से बना छोड़ रहे है।
उधर प्रधानाचार्य, पीटीए और प्रबंधन समिति एक दूसरे पर आरोप गढ़ने में लगे रहे। मिली जानकारी के मुताबिक विद्यालय प्रबंधन समिति और पीटीए ने पहले नियमानुसार ही पात्र भोजन माता की नियुक्ति की थी,लेकिन जब वो महिला डीईओ को रिपोर्ट देने चंपावत पहुंची तो वो ऑफिस में नही मिले।उधर पीटीए को विश्वास में लिए बिना ही दूसरी भोजन माता की नियुक्ति कर दी गयी जो अनुसूचित जाति की है। इस मामले से विवाद उत्पन्न हो गया।