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उत्तराखण्डः गैरसैंण में धामी सरकार के खिलाफ कांग्रेस का दोतरफा मोर्चा! दिवालीखाल में विधानसभा घेराव को पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ता, सदन में गूंजे भ्रष्टाचार और वोट चोरी के नारे

editor
  • Awaaz Desk
  • October 27, 2026 11:10 AM
Uttarakhand: Congress launches a two-pronged offensive against the Dhami government in Gairsain! Hundreds of party workers reached Diwalikhal to lay siege to the Legislative Assembly, while slogans alleging corruption and 'vote theft' echoed inside the House.

भराड़ीसैंण/गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के पहले दिन ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी के शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार, लचर स्वास्थ्य-शिक्षा, भर्ती घोटालों, बदहाल सड़कों, महिला सुरक्षा और अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर विधानसभा घेराव के लिए कूच किया। पुलिस प्रशासन द्वारा विधानसभा से 30 किलोमीटर पहले ही की गई भारी बैरिकेडिंग के बीच कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी झड़प हुई, जिसके बाद गणेश गोदियाल, हरक सिंह रावत और करण माहरा समेत कई दिग्गज नेताओं को डिटेन कर लिया गया। वहीं, सदन के भीतर भी कांग्रेस विधायकों ने सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विधानसभा का घेराव रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने भराड़ीसैंण से करीब 30 किमी पहले ही विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। इसके बावजूद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष हरक सिंह रावत, सीडब्ल्यूसी सदस्य करण माहरा, सह-प्रभारी मनोज यादव, बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला, मुकेश नेगी और हरिकृष्ण भट्ट के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता तमाम अवरोधों को पार करते हुए दिवालीखाल तक जा पहुंचे। दिवालीखाल पहुंचते ही पुलिस ने जब कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोका, तो दोनों पक्षों के बीच जोरदार धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने गणेश गोदियाल समेत सभी प्रमुख नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया (डिटेन कर लिया)।

सदन में भी गूंजा आक्रोश, विपक्ष ने किया वॉकआउट
सड़क पर मचे इस घमासान का असर भराड़ीसैंण स्थित सदन के भीतर भी साफ दिखाई दिया। सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों ने प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार, पलायन, चंदा चोरी, वोट चोरी और जंगली जानवरों के आतंक जैसे मुद्दों को लेकर धामी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सरकार के रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए विपक्षी दल के सभी विधायकों ने सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया।

जनता के सवालों से बच रही है सरकार: गणेश गोदियाल
हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने धामी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में उत्तराखंड की जनता बुनियादी समस्याओं से त्रस्त है। भर्ती घोटालों से युवाओं का भविष्य अंधकारमय है और महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने विधानसभा की कार्यसूची और अवधि पर भी गंभीर सवाल उठाए। गोदियाल ने कहा कि कार्यसूची इस तरह तय की जानी चाहिए जिससे मुख्यमंत्री सहित सभी जिम्मेदार विभागों से जनता के सवालों का सीधा जवाब मांगा जा सके। जब महत्वपूर्ण प्रश्नों के लिए पर्याप्त अवसर ही नहीं दिया जाएगा, तो विपक्ष जनता के सवालों का जवाब किससे मांगेगा? उन्होंने स्पष्ट किया कि गैरसैंण उत्तराखंड की जनभावनाओं और आंदोलन के सपनों का प्रतीक है; कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।


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