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उत्तराखण्डः एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन! ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, सड़क पर दिया धरना

editor
  • Awaaz Desk
  • September 25, 2026 09:09 AM
Uttarakhand: Congress stages a massive protest over the SIR and the voters' list; demands the removal of Gyanesh Kumar and holds a sit-in on the street.

देहरादून। चुनाव संबंधी कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर उत्तराखण्ड कांग्रेस ने शुक्रवार को देहरादून में प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सचिवालय कूच के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने सुभाष रोड स्थित आयकर कार्यालय के पास उन्हें रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर पार्टी की ओर से देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन के आह्वान के बीच हुआ। कांग्रेस ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई तथा उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है। प्रदर्शन से पहले प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय से जुलूस के रूप में निकले। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी इसमें शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य सचिवालय तक पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना था, लेकिन पुलिस ने सुभाष रोड पर आयकर कार्यालय के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की ओर से रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार, भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन भी किया। कुछ कार्यकर्ता पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। इधर देहरादून में कांग्रेस के प्रदर्शन और सचिवालय कूच को देखते हुए पुलिस ने पहले से सुरक्षा इंतजाम किए थे। देश के अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस ने 25 सितंबर को चुनाव आयोग के कार्यालयों तक विरोध मार्च का कार्यक्रम रखा था। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, करन माहरा, गोविंद सिंह कुंजवाल, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक विक्रम सिंह नेगी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं। पार्टी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई और कहा कि इन मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो पार्टी आंदोलन को प्रदेशभर में ले जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मामलों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी उठाई है।

SIR को लेकर सामने आई रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
कांग्रेस के इस विरोध की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सामने आई रिपोर्ट भी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के भीतर कुछ फैसलों और आदेशों को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। कांग्रेस ने इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने इस घटनाक्रम को अलग नजरिए से बताया है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, विचारों में मतभिन्नता संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है और एसआईआर समेत हाल की पहलों से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। ऐसे में मामले को लेकर कांग्रेस के आरोप और चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का पक्ष अलग-अलग है। फिलहाल देहरादून में कांग्रेस का धरना जारी रहा और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सचिवालय की ओर आगे बढ़ने से रोक दिया। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही है।


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