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उत्तराखण्डः रुड़की में बिजली व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का हल्लाबोल! अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव, स्मार्ट मीटर और बिजली कटौती पर जमकर हुआ हंगामा

editor
  • Awaaz Desk
  • July 15, 2026 10:07 AM
Uttarakhand: Congress stages a protest in Roorkee over the electricity situation! The Superintending Engineer's office was besieged, and there was a massive uproar regarding smart meters and power outages.

रुड़की। हरिद्वार जनपद के रुड़की में बिजली व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती, बार-बार ट्रिपिंग, लो वोल्टेज की समस्या और स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यालय परिसर में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। कांग्रेस नेताओं और विभागीय अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जबकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे और सरकार व बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लंबे समय से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। आए दिन घंटों बिजली गुल रहने, बार-बार ट्रिपिंग होने और कम वोल्टेज के कारण आम नागरिकों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर भी लोगों में असंतोष व्याप्त है। धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता लगातार बिजली संबंधी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन विभाग शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा।

उनका आरोप था कि अधिकारी आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी जनता की शिकायतें सुनने के बजाय फोन तक उठाना उचित नहीं समझते। उन्होंने कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों द्वारा भी अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी बात तक नहीं सुनी गई। इससे साफ है कि विभाग जनता की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। प्रदर्शन के दौरान माहौल कई बार तनावपूर्ण हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विभागीय अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके चलते पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और पूरे कार्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कई घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन और वार्ता के बाद अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। उन्होंने बिजली आपूर्ति, ट्रिपिंग, लो वोल्टेज और अन्य शिकायतों के समाधान के लिए विभाग की ओर से आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। साथ ही उन्होंने समस्याओं के समाधान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तय समय के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।


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