उत्तराखण्डः किच्छा में भूमि पूजन के बाद भी शुरू नहीं हुआ कम्युनिटी हॉल निर्माण! नाराज विधायक बेहड़ मंडी परिषद मुख्यालय पहुंचे, दिया धरना
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा में करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित कम्युनिटी हॉल के निर्माण कार्य में देरी को लेकर सियासत गरमा गई है। भूमि पूजन के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से नाराज किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने मंडी परिषद मुख्यालय पहुंचकर धरना दिया। विधायक ने निर्माण कार्य में हो रही देरी के लिए विभागीय अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसी को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों की उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। विधायक तिलक राज बेहड़ के मुताबिक, कम्युनिटी हॉल के निर्माण को लेकर लंबे समय से क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी। करीब पांच करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए आठ जुलाई को विधिवत भूमि पूजन भी किया गया था। इसके बावजूद भूमि पूजन के बाद निर्माण स्थल पर काम शुरू नहीं हुआ। विधायक का आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी विभागीय स्तर पर निर्माण कार्य को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। बेहड़ ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से संपर्क किया और जल्द से जल्द काम शुरू कराने की मांग की, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि निर्माण स्थल का लेआउट तक समय पर तैयार नहीं किया गया था। इतना ही नहीं, अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और निर्माण कार्य पूरी तरह ठप रहा। निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से नाराज विधायक ने मंडी परिषद मुख्यालय पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक जनप्रतिनिधि धरने पर नहीं बैठते, तब तक विभागीय अधिकारी विकास कार्यों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाते। बेहड़ के मुताबिक, उनके धरने की चेतावनी देने और मंडी परिषद मुख्यालय में धरने पर बैठने के बाद ही विभाग हरकत में आया। इसके बाद निर्माण स्थल का लेआउट तैयार कराया गया और मौके पर मजदूरों को भेजकर काम शुरू कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े विकास कार्यों को शुरू कराने के लिए धरना देना पड़े, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और जिन परियोजनाओं का विधिवत भूमि पूजन हो चुका है, उनका निर्माण कार्य निर्धारित समय पर शुरू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को विकास कार्यों के लिए लंबे समय तक इंतजार कराना उचित नहीं है। धरने के दौरान विधायक ने क्षेत्र में चल रहे अन्य विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने अस्पताल निर्माण की धीमी रफ्तार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। उनका आरोप है कि यदि विभागीय अधिकारी समय-समय पर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें और मौके पर जाकर निरीक्षण करें तो इस तरह की स्थिति पैदा नहीं होगी।