उत्तराखण्डः राज्य के उद्यान में सभी खरीद डीबीटी से कराने की मांग! उद्यान बचाओ यात्रा के संयोजक करगेती ने उद्यान सचिव को लिखा पत्र, कहा- किसानों को दिया जाए पूर्णाधिकार
नैनीताल। उद्यान बचाओ यात्रा के संयोजक और सामाजिक कार्यकर्ता दीपक करगेती ने उद्यान सचिव वीवी आर सी पुरुषोत्तम से आज राज्य की औद्यानिकी में होने वाले समस्त खरीद डीबीटी के माध्यम से ही कराने संबधी निवेदन करते हुए कहा है कि राज्य में पूर्ण रुप से डीबीटी लागू होने के बाद भी उद्यान विभाग के वर्तमान निदेशक द्वारा कास्तकारों के हित में खरीदे जाने वाले समस्त फल-पौध, बीज, ट्रैक्टर, पावर ट्रिलर, पावर वीडर, रोटा वेटर, क्रॉप वीटर, पोटेटो प्लांटर, मोल्ड बोल्ड प्लॉ, सुपर सीडर, मल्टी क्रॉप थ्रीसर को खुद खरीद कर किसानों को न्यूनतम गुणवत्ता की सामग्री थमा दी जाती रही है। निदेशक डा. हरमिन्दर सिंह बवेजा द्वारा हिमाचल व जम्मू-कश्मीर की फल पौंध नर्सरी वालों से बीज बेचने वाले ठेकेदारों और उद्यान से संबंधित उक्त सामग्रियां बेचने वाले ठेकेदारों से सेटिंग कर उसके एवज में लाखों का कमीशन खाने का अपना तरीका तैयार किया जाता रहा है। डीबीटी से खरीद होने पर किसान किसी भी रजिस्टर्ड नर्सरी, फर्म से उपरोक्त सभी उद्यानोपयोगी वस्तुएं स्वयं खरीद सकते हैं और किसान की फाइल पेमेंट के लिए लगेगी। जिसमें डीबीटी के माध्यम से राज सहायता का पैसा सीधे उनके उनके खाते में आ जायेगा। कहा कि प्रत्येक जिले के उद्यान से संबंधित अधिकारियों द्वारा भी इस खरीद का भौतिक सत्यापन किया जाए। राज्य की औद्यानिकी में ठेकेदारों का पूर्ण रूप से कब्जा है, जिससे किसानों को आज तक उनके अनुरूप लाभ कभी प्राप्त नहीं हो पाया है। कहा कि निदेशक द्वारा विभाग में सभी प्रकार के पौधों की दर पूर्व में अत्यधिक बहुत बढ़ा रखी हैं जिनका फायदा बाहर की नर्सरियों को होगा और यह उनसे अपना कमीशन बना लेंगे और समस्त नुकसान राज्य सरकार तथा किसानों को होगा। मांग करते हुए कहा कि समस्त विभागीय खरीद को डीबीटी के माध्यम से करवाकर राज्य की औद्यानिकी को बचाने का कष्ट करें। कहा गया कि निदेशक से प्राप्त आदेश पर सभी सीएचओ, डीएचओ को कहा गया कि किसान खरीद ना करें। जबकि राज्य में डीबीटी लागू है खरीद का पूर्णाधिकार किसान को देना चाहिए।