उत्तराखंडः डीएम मनीष कुमार बने शिक्षक! बच्चों को पढ़ाया सामाजिक विज्ञान का पाठ, ड्रॉपआउट रोकने पर दिया जोर
चंपावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मंगलवार को राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पल्सो का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही बच्चों से आत्मीय संवाद किया और स्वयं शिक्षक की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों को सामाजिक विज्ञान का पाठ पढ़ाया। जिलाधिकारी ने विद्यालय में साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, कक्षाओं की स्थिति, मध्याह्न भोजन, ज्ञान केंद्र (लाइब्रेरी) और शौचालय समेत अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर देखा और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि जो विद्यार्थी लगातार विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे हैं, उनके घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया जाए और अनुपस्थिति का कारण पता लगाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों का नियमित नामांकन और विद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी विद्यार्थी पढ़ाई बीच में छोड़कर ड्रॉपआउट की स्थिति में न पहुंचे। उन्होंने विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध होने की भी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन योजना का निरीक्षण करते हुए खाद्यान्न के उपलब्ध स्टॉक की समीक्षा की। उन्होंने विद्यालय में पर्याप्त खाद्यान्न का स्टॉक रखने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यालय भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से सामान्य ज्ञान, पढ़ाई और उनकी रुचियों को लेकर बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से वनों के महत्व के बारे में सवाल किए।
बच्चों ने उत्साहपूर्वक वनों से मिलने वाली शुद्ध वायु, भोजन, पशुओं के चारे, पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता जैसे लाभ बताए। बच्चों की सहभागिता से प्रभावित जिलाधिकारी ने उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार शिक्षक की भूमिका में भी नजर आए। उन्होंने बच्चों को सरल और रोचक तरीके से सामाजिक विज्ञान पढ़ाते हुए हड़प्पा सभ्यता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राचीन सभ्यताएं अधिकांशतः नदियों के किनारे विकसित हुईं, क्योंकि नदियां मानव जीवन, कृषि, व्यापार और सभ्यताओं के विकास का महत्वपूर्ण आधार रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विद्यालय में स्थापित ज्ञान केंद्र (लाइब्रेरी) का भी निरीक्षण किया और इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि ज्ञान केंद्र बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और उनके ज्ञान का दायरा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कक्षा 10 की छात्रा पूजा भट्ट ने विद्यार्थियों की ओर से मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि लाइब्रेरी की सुविधा से पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिल रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। विद्यालयों में अनुशासन, नियमित उपस्थिति, स्वच्छ वातावरण और बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।