• Home
  • News
  • Uttarakhand: Economic Survey, 19596 MSME industries in four years, one thousand new startups

उत्तराखंड: आर्थिक सर्वेक्षण,चार साल में 19596 एमएसएमई उद्योग, एक हजार नए स्टार्टअप

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 06, 2026 11:03 AM
Uttarakhand: Economic Survey, 19596 MSME industries in four years, one thousand new startups

उत्तराखंड ने बीते चार साल में हर क्षेत्र में विकास के नए लक्ष्य हासिल किए हैं। वर्ष 2022 के बाद प्रदेश में 19596 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) स्थापित हुए। इससे निवेश बढ़ने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार अवसर मिले। नवाचार आइडिया के दम पर एक हजार से अधिक स्टार्टअप ने कारोबार में कदम रखा है। प्रमुख सचिव नियोजन आर. मीनाक्षी सुंदरम ने आर्थिक सर्वेक्षण-2025 की वर्ष 2022 से तुलना कर उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की कुल संख्या 59798 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 79394 हो गई है। एमएसएमई के तहत रोजगार पाने वालों की संख्या वर्ष 2022 में 343922 थी जो वर्ष 2025 में बढ़कर 456605 हो गई है। राज्य में वर्ष 2021-22 तक बड़े उद्योग की संख्या 107 थी जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 128 हो गई हैं। इसके साथ राज्य में वर्ष 2017 तक प्रदेश में एक भी स्टार्टअप नहीं था। वर्ष 2021-22 में 702 स्टार्टअप पंजीकृत थे। वर्ष 2024-25 में स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 1750 हो गई है।

राज्य में सड़कों की कुल लंबाई वर्ष 2021-22 में 50393 किमी थी, जो 2024-25 में बढ़कर 51278 किमी हो गई है। इसके अलावा राज्य में 2022 तक दो हेलीपोर्ट थे। अब वर्ष 2025 में बढ़कर सात हो गए। हेलीपैड की संख्या वर्ष 2021-22 में 60 थी जो वर्ष 2024-25 में 118 हो गई है। उन्होंने बताया कि प्राइमरी विद्यालयों में ड्राॅपआउट का अनुपात वर्ष 2021-22 में 1.64 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में 1.41 प्रतिशत हो गया है जबकि सेकेंडरी विद्यालयों में यह अनुपात वर्ष 2021-22 में 7.65 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में 4.59 प्रतिशत हो गया है। राज्य में शासकीय एवं अशासकीय डिग्री कॉलेजों की संख्या वर्ष 2021-22 में 124 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 139 हो गई है। इसके अलावा सरकारी व निजी क्षेत्र में इजीनियरिंग कॉलेज की संख्या वर्ष 2021-22 में 20 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 52 हो गई है। उन्होंने बताया राज्य में 2021-22 में कुल 5157 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन था। 2024-25 में यह उत्पादन बढ़कर 16500 मिलियन यूनिट हो गया है। जबकि विद्युत खपत में बढ़ोत्तरी हुई। वर्ष 2022 में बिजली की खपत 12518 मिलियन यूनिट थी, जो 2024-25 में बढ़कर 17192 मिलियन यूनिट हो गई है। राज्य में वर्ष 2021-22 में 97 प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा थी जो अब शतप्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में धान और गेहूं उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी हुई। धान व गेहूं की उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2021-22 में 28.23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर था जो अब बढ़कर 32.47 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पहुंच गया है। उन्होंने बताया वर्ष 2021-22 में एरोमा व हर्बल खेती का क्षेत्रफल 10 हजार हेक्टेयर पहुंच गया है। वर्ष 2021-22 तक 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन होता था, जो 2024-25 में बढ़कर 54.59 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। इसके अलावा मछली उत्पादन में काफी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2021-22 में कुल 7325 टन प्रति वर्ष होता था, जो 2024-25 में बढ़कर 10487 टन प्रति वर्ष हो गया है। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में वर्ष 2021-22 में 8225 होटल, रेस्टोरेंट व होमस्टे थे, अब इनकी संख्या बढ़ कर 10509 हो गई है।


संबंधित आलेख: