उत्तराखंड: मौसम विभाग के यलो अलर्ट पर एक बार फिर आस्था भारी, बद्रीनाथ धाम की यात्रा बदस्तूर जारी
चमोली। बदरीनाथ में सोमवार सुबह से ही बारिश हो रही है। बारिश के चलते बदरीपुरी में ठंड बढ़ गई है। बारिश के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं है और वे बद्रीनारायण के जयकारे लगाते हुए लाइन में खड़े होकर दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। धाम में बारिश भी भक्तों को रोक नहीं पा रही है। जबकि मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया हुआ है लेकिन बद्रीनाथ धाम की यात्रा बदस्तूर जारी है। बद्रीनाथ मंदिर के सिंह द्वार के बाहर बारिश की फुहारों के बीच श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालु तन्मयता से भगवान बदरी विशाल के दिव्य दर्शन कर रहे है, बद्रीनाथ धाम में मौसम विभाग के यलो अलर्ट पर एक बार फिर आस्था भारी नजर आ रही है। यात्रा के सुचारू रूप से संचालन हेतु बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय बद्रीनाथ धाम में डेरा डाले हुए है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार प्रदेश में फिलहाल अगले 3 दिन तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रह सकता है। रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की चोटियों पर हिमपात और निचले इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी है। मैदानी क्षेत्रों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने को लेकर भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
आपको बता दें, बदरीनाथ हाईवे पर रविवार को जगह-जगह भूस्खलन होने से मार्ग बंद हो गया था। बाजपुर चाडा-पिनोला-नया पुल के पास भूस्खलन हो गया था। इस भूस्खलन के चलते भारी मात्रा में मलबा आने से रास्ता बंद हो गया था। सूचना मिलने पर प्रशासन मलबे हटवाने का काम शुरू किया। हालांकि, मलबा काफी आया हुआ था, जिसकी वजह से बाधित मार्ग को खोलने में ज्यादा समय लग गया। मार्ग बाधित होने के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। काफी देर तक मार्ग नहीं खुलने पर श्रद्धालु सड़क के किनारे ही दरी बिछाकर भजन-कीर्तन करते हुए मार्ग खुलने का इंतजार करने लगे। लंबे समय तक मार्ग बंद होने के कारण और खाने की व्यवस्था न होने से भी यात्री भूखे प्यासे बैठे रहे। हालांकि, मार्ग बाधित होने की सूचना पर थाने पुलिस प्रशासन ने यात्रियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था भी करवाई। देर शाम को बाधित मार्ग खोल दिया गया था, जिसके बाद यात्री आगे बढ़े।