उत्तराखंड:पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत पांच दिन बाद भी किसी पार्टी में नही हो सके शामिल,बीजेपी कांग्रेस विरोध में,हरक बोले तय मैं करूंगा
भाजपा से निष्कासित किए गए पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत का बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों में पुरजोर विरोध किया जा रहा है,पांच दिन बाद भी हरक सिंह रावत किसी दल में शामिल नही हो सके। इस मामले में उन्होंने कहा कि वह आज तय करेंगे कि किस मोर्च से चुनाव मैदान में उतरेंगे। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उनकी भाजपा में वापसी हो रही है या फिर कांग्रेस उनका हाथ पकड़ रही है, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि अब समय कम है और नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हरक सिंह रावत पिछले पांच दिनों से उम्मीद लगाए हुए हैं कि कांग्रेस उनका हाथ थामेगी, लेकिन अब तक हरक को निराशा ही हाथ लगी है।कांग्रेस के कई नेता भी यही चाहते हैं कि पूर्व कैबिनेट मंत्री डा.हरक सिंह रावत को पार्टी में शामिल कर लिया जाए।
उधर कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप, रघुवीर बिष्ट समेत लैंसडौन विधानसभा से टिकट के सभी 12 दावेदारों ने भाजपा से निष्कासित पूर्व वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को पार्टी में शामिल करने का पुरजोर विरोध किया है। दावेदारों ने उन्हीं में से एक को पार्टी प्रत्याशी बनाने की मांग की। साथ ही डॉ. हरक सिंह के कांग्रेस में शामिल होने पर उन्होंने लोकल फॉर वोकल के नारे के साथ अपने बीच के एक प्रत्याशी को निर्दलीय मैदान में उतारने की चेतावनी भी दी।पत्रकार वार्ता में जयहरीखाल के ब्लाक प्रमुख दीपक भंडारी, महिला कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री रंजना रावत, मनीष सुंद्रियाल, गोपाल रावत ने डॉ. हरक सिंह रावत को कांग्रेस में शामिल करने का पुरजोर विरोध किया। कहा कि डॉ. हरक सिंह रावत अभी तक राजनीतिक दलों की लहर के चलते ही जीतते आए हैं। हरक सिंह रावत ने वर्ष 2016 में कांग्रेस की सरकार गिराई और अब वह अपनी पुत्रवधू के लिए टिकट मांगने की शर्त पर कांग्रेस में शामिल होने की बात कर रहे हैं।