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उत्तराखण्डः धन्यवाद-संवाद यात्रा पर उठे सवालों के बीच पूर्व सीएम का जवाब! बोले- सभी नेता पार्टी को मजबूत करने में जुटे, हम राहुल जी के आदेश पर काम करते हैं

editor
  • Awaaz Desk
  • October 05, 2026 01:10 PM
Uttarakhand: Former CM responds amidst questions raised about the 'Dhanyavad-Samvad Yatra'! He stated that all leaders are dedicated to strengthening the party and that they work under Rahul Gandhi's directives.

रुद्रपुर। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस की सियासत में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की सक्रियता ने हलचल बढ़ा दी है। लंबे समय तक स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय राजनीति से दूर रहे हरीश रावत अब प्रदेश में लगातार दौरे कर रहे हैं और धन्यवाद एवं संवाद यात्रा के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से संवाद कर रहे हैं। हालांकि, उनकी इस राजनीतिक सक्रियता को लेकर अब कांग्रेस के भीतर ही मतभेद सामने आने लगे हैं। उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने हरीश रावत को पत्र लिखकर उनकी प्रस्तावित राजनीतिक यात्रा को लेकर नाराजगी जताई और उनसे यात्रा नहीं निकालने को कहा था। इसके बावजूद रावत ने जसपुर में अपनी यात्रा जारी रखी। सैलजा की चिट्ठी सामने आने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस की अंदरूनी सियासत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश प्रभारी ने अपने पत्र में कहा था कि हरीश रावत की ओर से निकाली जा रही यात्रा को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी यानी पीसीसी से कोई चर्चा नहीं की गई। ऐसे समय में जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और पार्टी को एकजुट होकर चुनावी तैयारियों में जुटना है, कांग्रेस के समानांतर किसी तरह की राजनीतिक यात्रा निकालना पार्टी के हित में नहीं होगा। उन्होंने हरीश रावत से यात्रा नहीं निकालने का आग्रह किया था। साथ ही पत्र में रावत के कुछ बयानों को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी। इसके बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जसपुर में धन्यवाद एवं संवाद यात्रा के तहत कार्यक्रम किया। इस दौरान जब उनसे प्रदेश प्रभारी की चिट्ठी और पार्टी में उनकी यात्रा को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो रावत ने पूरे मामले को सहज अंदाज में लिया। उन्होंने कहा कि परिवार में सभी तरह की बातें होती रहती हैं और वह कांग्रेस के सिपाही हैं। हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस के सभी नेता पार्टी के प्रति समर्पित हैं और सभी राहुल गांधी के आदेश पर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए हर नेता अपने-अपने तरीके से काम कर रहा है। रावत के इस बयान को पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को शांत करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। दरअसल, हरीश रावत लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते सक्रिय राजनीति से कुछ दूर हो गए थे। इस दौरान उनके समर्थक और शुभचिंतक बड़ी संख्या में उनसे मिलने पहुंचे। अब स्वास्थ्य में सुधार के बाद रावत ने एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में सक्रिय वापसी की है। उन्होंने प्रदेश में धन्यवाद और संवाद यात्रा शुरू की, जिसका मकसद लोगों और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करना और अपने राजनीतिक संपर्क को फिर से मजबूत करना बताया जा रहा है। यह यात्रा गढ़वाल क्षेत्र के हरिद्वार से शुरू हुई और अब कुमाऊं मंडल के ऊधम सिंह नगर जिले तक पहुंच गई है। जसपुर में यात्रा के दौरान रावत ने अपनी राजनीतिक सक्रियता के पीछे की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि जब वह लंबे समय तक बीमार थे तो बड़ी संख्या में लोग उनका हालचाल जानने दिल्ली और गुरुग्राम पहुंचे। रावत ने कहा कि बीमारी के दौरान करीब 20 से 22 हजार लोग उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि जैसे ही वह कुछ स्वस्थ हुए, उन्हें बीजेपी की ओर से ईडी और सीबीआई के जरिए चुनौती मिलने लगी। इसके बाद उन्होंने भगवान का नाम लिया और उत्तराखंड लौटकर लोगों का धन्यवाद करने तथा ईडी की चुनौती का सामना करने का फैसला किया।


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