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उत्तराखण्डः एलयूसीसी घोटाले के मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल की संपत्तियों पर सरकार का एक्शन! देहरादून में छह संपत्तियां कुर्क, तीन राज्यों में चल रही कार्रवाई

editor
  • Awaaz Desk
  • June 20, 2026 06:06 AM
Uttarakhand: Government takes action against the assets of Sameer Agarwal, the prime accused in the LUCC scam! Six properties attached in Dehradun; proceedings underway across three states.

देहरादून। प्रदेश के हजारों निवेशकों से करीब 800 करोड़ रुपये की कथित ठगी करने वाले बहुचर्चित एलयूसीसी घोटाले में शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों से जुड़ी देहरादून स्थित छह संपत्तियों को अनियमित जमा योजनाओं पर पाबंदी अधिनियम (बड्स एक्ट) के तहत कुर्क कर लिया है। इन संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए शासन की ओर से स्पेशल बड्स एक्ट कोर्ट में प्रार्थनापत्र भी प्रस्तुत कर दिया गया है। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद इन संपत्तियों की नीलामी कर निवेशकों को धन वापस लौटाने की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। एलयूसीसी कंपनी पर आरोप है कि उसने उत्तराखंड के लोगों को विभिन्न निवेश योजनाओं का झांसा देकर करीब 800 करोड़ रुपये जमा कराए और बाद में निवेशकों को उनका पैसा वापस नहीं मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच पिछले वर्ष नवंबर से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की देहरादून शाखा कर रही है। जांच के दौरान सीबीआई ने मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसके परिवार से जुड़ी संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा उत्तराखंड शासन को सौंपा था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें देहरादून की छह संपत्तियों के अलावा उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बाराबंकी और जालौन जिलों में 20 संपत्तियां तथा महाराष्ट्र के नवी मुंबई और ठाणे जिलों में आठ अचल संपत्तियां शामिल हैं।

वित्त विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार देहरादून की छह संपत्तियों को गत पांच जून को कुर्क करने के आदेश जारी किए गए थे। अब इनकी नीलामी के लिए स्पेशल बड्स एक्ट कोर्ट में औपचारिक प्रार्थनापत्र भी दाखिल कर दिया गया है। न्यायालय की स्वीकृति मिलने के बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी और प्राप्त राशि को निवेशकों के हित में उपयोग किया जाएगा। इधर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में स्थित संपत्तियों को भी कुर्क और नीलाम कराने के लिए शासन ने अलग.अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। उप सचिव सुनील सिंह को उत्तर प्रदेश में स्थित संपत्तियों की कुर्की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि संयुक्त सचिव वित्त को महाराष्ट्र में चिह्नित संपत्तियों के संबंध में आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है। सरकार का कहना है कि निवेशकों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बड्स एक्ट के तहत संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई को निवेशकों को राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 


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