उत्तराखंड HC: माइनिंग पॉलिसी के खिलाफ कोटद्वार में संचालित सिद्धबली स्टोन क्रशर को हटाए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
उत्तराखण्ड हाइकोर्ट ने कोटद्वार में माइनिंग पॉलिसी के खिलाफ संचालित सिद्धबली स्टोन क्रशर को हटाए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर आज सुनवाई की। मामले की लगातार हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। खण्डपीठ ने सभी पक्षकारों से कहा है कि वह अपना अतरिक्त कथन 3 अगस्त से पहले कोर्ट में पेश कर सकते है।
आपकों बता दे कि कोटद्वार निवासी देवेंद्र सिंह अधिकारी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि कोटद्वार में राजाजी नेशनल पार्क के रिजर्व फारेस्ट में सिद्धबलि स्टोन क्रशर लगाया गया है। यह स्टोन क्रशर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी गाईड लाइनों के मानकों को पूरा नही करता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी गाइड लाइन में कहा था कि कोई भी स्टोन क्रशर नेशनल पार्को के 10 किलोमीटर एरियल डिस्टेंस के भीतर स्थापित नही किया जा सकता, जबकि यह स्टोन क्रशर साढ़े छः किलोमीटर की दूरी पर संचालित है।
पूर्व में सरकार ने अपनी रिपोर्ट पेश कर कहा था कि यह स्टोन क्रशर सड़क से 13 किलोमीटर दूर है, जिस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कोर्ट को बताया था कि दूरी मापने के लिए एरियल डिस्टेंस है न कि सड़क से। सरकार ने इसे सड़क मार्ग से मापा है जो गलत है। सिद्धबली स्टोन क्रशर पीसीबी के मानकों को भी पूरा नही करता है। यहां स्टोन क्रेशर स्थापित करने से क्षेत्र के साथ साथ वन्यजीव भी प्रभावित हो रहे है लिहाजा इसको हटाया जाए या इसके संचालन पर रोक लगाई जाय।