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उत्तराखंड: राज्य सरकार ने किया बर्खास्त हाईकोर्ट ने किया बहाल,जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण को मिली राहत

editor
  • Kanchan Verma
  • January 27, 2022 04:01 PM
Uttarakhand: High Court dismissed by the state government, restored, District Panchayat President Deepak Bijalvan got relief

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जिला पंचायत अध्यक्ष उत्तरकाशी  दीपक बिजल्वाण को अध्यक्ष पद से हटाए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश सजंय कुमार मिश्रा की एकलपीठ ने सरकार के बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगाते हुए उन्हें बहाल कर दिया है साथ मे कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस मामले में एसआईटी की जाँच जारी रहेगी उन्हें गिरफ्तार नही किया जाय। आज मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। 
    आपको बता दे अध्यक्ष द्वारा याचिका दायर कर कहा गया है कि कुछ सदस्यों द्वारा  उनके खिलाफ मुख्य मंत्री को एक पत्र भेजकर शिकायत की गई थी कि उनके द्वारा सरकारी धन का दुरप्रयोग व करोड़ो रूपये की अनिमियत्ताए की गई है। जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकरण की जांच हेतु सचिव पंचायती राज को आदेश दिए थे। सचिव पंचायतीराज राज ने इसकी जांच  जिला अधिकारी उत्तरकाशी से कराई। जिला अधिकारी ने अपनी जाँच रिपोर्ट में अनियमितताएं बरतने की आंशिक पुष्टि की। उसके बाद सरकार ने इस मामले की जाँच 21 जून 2021 को कमिश्नर गढ़वाल से कराई। सरकार ने पंचायती राज एक्ट की धारा 138(1)(घ)(iv) के तहत अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया। 1 अकटुबर 2021 को अध्यक्ष ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने कोई वित्तीय अनियमितता नही की है।  यह शिकायत उनके खिलाफ राजनैतिक दुर्भावना से की गई है । याचिकाकर्ता द्वारा यह भी कहा गया है था कि मुख्यमंत्री ने एक शिकायती पत्र पर जांच के आदेश दे दिए जबकि विभाग द्वारा ऐसा कुछ नही किया। जाँच एजेंसी द्वारा किसी भी तरह की नियमावली का पालन नही किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन्होंने सरकारी धन का दुरप्रयोग किया है इन्होंने निर्माण कार्य मे घटिया सामग्री का उपयोग किया है करोड़ो रूपये फर्जी निर्माण कार्य दिखाया गया है और मजदूरों के फर्जी मस्टरोल भरे गए है। इस शिकायत को आधार मानकर उन्हें 7 जनवरी 2022 को सरकार ने जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया जिस पर रोक लगाई जाए और उन्हें बहाल किया जाय क्योंकि वे जनप्रतिनिधी है उन्हें सेवा के लिए जनता ने चुना है।


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