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उत्तराखंड हाईकोर्ट: एक तरफ सरकार पॉक्सो एक्ट लाती है दूसरी तरफ 18 वर्ष से कम उम्र की शादियों पर कोर्ट पुलिस सुरक्षा के आदेश देती है! 18 वर्ष से कम उम्र की शादी को गैर कानूनी घोषित करने पर दायर याचिका में कोर्ट ने जारी किया केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस

editor
  • Kanchan Verma
  • July 22, 2022 05:07 PM
Uttarakhand High Court: On the one hand the government brings the POCSO Act, on the other hand, the court orders police protection on marriages below the age of 18 years! notice to state government

उत्तराखंड हाईकोर्ट में मुस्लिम लॉ में अठ्ठारह वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को शादी की अनुमति दिए जाने को गैर कानूनी घोषित किये जाने हेतु दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जबाव दाखिल करने को कहा है।

गौरतलब है कि यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा दायर इस जनहित याचिका में कहा गया है कि कुछ कोर्ट 18 वर्ष से कम उम्र में शादी करने के बावजूद नव विवाहित जोड़े को मान्यता देते हुए उन्हें पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दे रही हैं, क्योंकि मुस्लिम पर्सनल लॉ इसकी अनुमति देता है । याचिका में ये भी कहा गया है कि 18 साल से कम उम्र में शादी होने, नाबालिग युवती से शारीरिक सम्बन्ध बनाने और कम उम्र में बच्चे पैदा करने से लड़की के स्वास्थ्य व नवजात बच्चों के स्वास्थ्य प्रभावित पर बुरा असर पड़ता है।  इसके अलावा एक तरफ सरकार पॉक्सो जैसे कानून लाती है, वहीं दूसरी तरफ 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की को शादी की अनुमति देना इस अधिनियम का उल्लंघन है। 18 साल से कम उम्र की लड़की की शादी को अमान्य घोषित कर शादी के बाद भी उसके साथ होने वाले शारीरिक संबंध को दुराचार की श्रेणी में रखकर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो के तहत कार्यवाही की जाए । याचिका में लड़कियों की उम्र 18 से बढ़कर 21 किये जाने वाले विधेयक को पास किये जाने और जब तक यह विधेयक पास नहीं होता तब तक कोर्ट से कम उम्र में किसी भी जाति या धर्म में हो रही शादियों को गैर कानूनी घोषित करने का आग्रह किया है ।


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