उत्तराखण्डः फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और पैसों की वसूली की कोशिश पर हाईकोर्ट सख्त! याचिकाकर्ता से मांगे सुझाव
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने, पैसों की वसूली करने व शिकायत पर त्वरित कार्यवाही न करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। आज हुई सुनवाई के दौरान मेटा की तरफ कोर्ट को अवगत कराया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म के नियमों को संशोधित करते हुए शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से कहा है कि अगर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वर्तमान में कोई खामियां हैं तो वे अपने सुझावों से कोर्ट को अवगत कराएं, ताकि घटनाओं को रोका जा सके। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 3 सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ती सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई। मामले के अनुसार उच्च न्यायालय के ट्रेनी अधिवक्ता आलोक कुमार ने वर्ष 2021 में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि सोशल मीडिया पर उनकी फर्जी आईडी बनाकर उसमें आपत्तिजनक वीडियो वायरल कर पैसों की वसूली करने की कोशिश की गई। जिसकी शिकायत करने के उपरांत भी फेसबुक द्वारा उसमें कोई त्वरित कार्यवाही नही की गई। जिसके चलते उन्हें अपने मित्रगणों व परिजनों के सामने उन्हें अपमानित होना पड़ा। याचिका में कहा गया है सोशल मीडिया प्लेटफार्म को निर्देशित किया जाए कि ग्राहक की शिकायत पर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा त्वरित कार्यवाही करने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि इसपर अंकुश लग सके।