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उत्तराखंड:कांग्रेस के दिग्गजों और लोकप्रिय नेताओ को अभी और कितना करना पड़ेगा टिकट का इंतज़ार!ये सस्पेंस कब होगा खत्म?

editor
  • Kanchan Verma
  • January 24, 2022 08:01 AM
Uttarakhand: How much more Congress veterans and popular leaders will have to wait for tickets! When will this suspense end?

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।कांग्रेस ने अभी तक 53 उम्मीदवारों की घोषणा की है , 17 सीटों पर उम्मीदवारों का चयन होना अभी बाकी है।पार्टी के चर्चित नेता और पूर्व मुख्यमंत्री   हरीश रावत पर कांग्रेस अभी तक कुछ तय नही कर पाई है हालांकि सोशल मीडिया में हरीश रावत को लेकर तमाम तरह के मिम्स तक सामने आ रहे है। जैसे 2022 नही 27 की तैयारी है,इस बार नही अगली बार आएंगे मैदान में।इन मिम्स को देखकर लग रहा था कि हरीश रावत क्या इस बार चुनाव नही लड़ेंगे? लेकिन कांग्रेस के पुराने दिग्गज और राज्य में सबसे लोकप्रिय नेता हरीश रावत ही रहे है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश बहुत पहले से चाह रहे थे कि पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर चुनाव में उतारे। एक तरह से यह उनका अंतिम विधानसभा चुनाव भी हो सकता है, इसलिए हरीश रावत चाहते हैं कि वे एक बार और प्रदेश का नेतृत्व करें, लेकिन अभी तक वे खुद और उनकी पार्टी दोनों यह तय नहीं कर पाई है कि वे कहां से चुनाव लड़ें।

सूत्रों की माने तो वे हरिद्वार ग्रामीण और रामनगर में से किसी एक सीट से चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन वे किस सीट से चुनाव लडेंगे, अभी भी इस पर सस्पेंस बना हुआ है। अभी इन दोनों में से किसी सीट पर पार्टी ने उम्मीदवार घोषित नहीं किये हैं। रामनगर में उत्तराखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत रावत तैयारी कर रहे हैं।

उन्होंने पिछला चुनाव भी यहीं से लड़ा था, लेकिन वह चुनाव वे हार गए थे। रंजीत रावत पहले हरीश रावत के दायां हाथ माने जाते थे। मगर पिछले कुछ समय से दोनों में छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है। पार्टी के कुछ लोगों का कहना है कि रणजीत रावत रामनगर से चुनाव लड़ना चाहते हैं, वहीं हरीश रावत की पहली पसंद भी रामनगर सीट है। इसलिए इस सीट पर कांग्रेस पार्टी फैसला नहीं कर पा रही है।

हरीश रावत चाहते हैं कि रामनगर से वे चुनाव लड़ें और रणजीत रावत को सल्ट भेजा जाए। रणजीत रावत सल्ट से चुनाव लड़ चुके हैं, उस सीट का उन्होंने प्रतिनिधित्व भी किया है। इसके अलावा कुछ दिनों पहले पार्टी के विभिन्न पदों से बर्खास्त पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्ण कैबिनेट मंत्री किशोर उपाध्याय पर भी पार्टी कोई निर्णय नहीं कर पाई है।

किशोर उपाध्याय टिहरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं, यहां से वे विधायक भी रहे हैं। लेकिन पिछले चुनाव पार्टी ने उन्हें साहसपुर से लड़वाया था और वे हार गए थे। इस बार वे टिहरी से ही चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन पार्टी ने न तो अभी उनका सीट कंफ़र्म किया है और न ही टिहरी से उम्मीदवार घोषित की है।

इसी प्रकार दो दिन पहले हरक सिंह रावत की कांग्रेस में वापसी होने के बाद भी उनको लेकर पार्टी असमंजस में है। उनका पसंदीदा सीट डोईवाला, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन है। कांग्रेस अभी इन तीनों सीटों को रखा है। ऐसे में उनको लेकर अभी भी असमंजस बरकरार हैं कि पार्टी उन्हें चुनाव लड़ाएगी या नहीं। वरिष्ठ पत्रकार दाताराम चमोली बताते हैं, ‘कांग्रेस में हरीश रावत और प्रीतम सिंह के बीच ज्यादा से ज्यादा अपने समर्थकों को टिकट देने पर रार चल रहा है, इसलिए कई बड़े नेताओं की सीट भी पार्टी अभी तक तय नहीं कर पाई है।


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