उत्तराखंड: शराबियों पर सीएम धामी कैसे पाएंगे काबू! अकेले कुमाऊं मंडल में ही डकार गए 701करोड़ की शराब
एक तरफ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री अगले दो वर्षों में राज्य को नशामुक्त बनाने की बात कह रहे है तो दूसरी तरफ राज्य को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली शराब रिकॉर्ड तोड़ रही है। आबकारी विभाग की क्लोजिंग में अभी दो महीने बचे है इधर एक रिपोर्ट के मुताबिक अकेले कुमाऊं मंडल में लोग 701 करोड़ की शराब गटक गए अभी अनुमान लगाया जा रहा है कि मार्च तक ये आंकड़ा और बढ़ जाएगा। वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है,और जो आंकड़े सामने आए है उसे देखते हुए अगले दो वर्ष में नशामुक्त राज्य की परिकल्पना एक मजाक लगती है।वित्तीय वर्ष 2022-2023 में आबकारी विभाग को कुमाऊं मंडल से 783 करोड़ का लक्ष्य मिला था जिसमे से विभाग को अभी तक 701करोड़ का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस वित्तीय वर्ष में अभी भी 82 करोड़ 55 लाख का राजस्व और वसूलना बाकी है,इस के लिए विभाग द्वारा राजस्व वसूलने में तेजी लाई जा रही है। आबकारी विभाग कुमाऊं मंडल द्वारा राजस्व प्राप्ति के लिए अभियान चलाकर शराब कारोबारियों से सख्ती की जा रही है और मार्च तक लक्ष्य पूरा करने की कवायद तेज हो गयी है।
आपको बता दें कि इस वित्तीय वर्ष में बागेश्वर के लिए 48 करोड़ 51 लाख, पिथौरागढ़ के लिए 87 करोड़ 51 लाख, चंपावत के लिए 56 करोड़ 76 लाख, अल्मोड़ा के लिए 129 करोड़ 60 लाख का लक्ष्य रखा गया था।
कुमाऊं मंडल में नैनीताल में निकले सबसे ज़्यादा पियक्कड़
नैनीताल 273 करोड़ 24 लाख, उधम सिंह नगर के लिए 148 करोड़ का लक्ष्य रखा गया था,कई दुकानदारों द्वारा राजस्व जमा नहीं किए जाने की स्थिति में उधम सिंह नगर में 15 दुकानों को कैंसिल करने की कार्रवाई की गई है,अल्मोड़ा में एक ठेकेदार द्वारा राजस्व नहीं जमा करने पर आरसी की कार्रवाई की गई है। विभाग के मुताबिक अभी वित्तीय वर्ष समाप्त होने में 2 माह का समय है, इसी बीच होली का त्योहार भी है, इसमें यह लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद है।