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उत्तराखण्डः पत्रकार राजीव प्रताप की संदिग्ध मौत का मामला! नेता प्रतिपक्ष आर्य बोले- पीड़ित परिवार को बिना देरी के मिलना चाहिए न्याय

editor
  • Awaaz Desk
  • October 01, 2025 05:10 AM
 Uttarakhand: In the case of journalist Rajiv Pratap's suspicious death, Leader of the Opposition Arya said, "The victim's family should receive justice without delay."

देहरादून। उत्तरकाशी के युवा पत्रकार राजीव प्रताप की मृत्यु को उनके परिवार ने षडयंत्र मानते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि सरकार को परिवार की मांग मानते हुए जांच सीबीआई को सौंपनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजीव प्रताप 18 सितंबर की रात से लापता थे, 28 को उनका शव जोशियाडा बैराज के पास मिला। भारतीय जन संचार संस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के पूर्व छात्र राजीव प्रताप दूरस्थ उत्तरकाशी में जन सरोकारों की निर्भीक पत्रकारिता करते थे। हाल ही में उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म दिल्ली उत्तराखण्ड लाइव पर भ्रष्टाचार और सरकारी बदइंतजामी की कुछ खोजपरक खबरें की थी। उनके परिवार का आरोप है कि उन्हें कुछ लोगों से जान से मारने की धमकी मिल रही थी। राजीव प्रताप की संदेहास्पद मृत्यु से सिद्ध होता है कि उत्तराखण्ड में ईमानदार और निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं। राजीव के साथ हुआ पूरा घटनाक्रम ऐसे ही षड़यंत्र की ओर इशारा करता है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि राजीव की मृत्यु की अविलंब निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को बिना देरी न्याय मिलना चाहिए। 


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