उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजनीति में आज नेताओं से ज़्यादा मगरमच्छ छाए रहे,सीएम से लेकर पूर्व सीएम तक क्रोकोडाइल में लगे रहे,गाड़ गदेरों,घुइयां सब पर बोले पूर्व सीएम हरीश रावत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज खटीमा में तराई पूर्वी वन प्रभाग पहुंचकर ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल का शुभारंभ किया उधर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी मगरमच्छों पर बयान देते नजर आए। हरीश रावत ने पूर्व में अपने ट्वीट पर जिन मगरमच्छों का ज़िक्र किया था आज उन्होंने आजतक न्यूज़ चैनल को दिए एक इंटरव्यू में उन मगरमच्छों का खुलासा किया और कहा कि" केंद्रीय एजेंसियां, ईडी, सीबीआई, और इनकम टैक्स सत्ता के वो मगरमच्छ है जो हरीश रावत का रास्ता रोक सकते है,इसके लिए हरीश रावत ने अपने नजदीकि लोगो को भी अलर्ट किया।
उन्होंने आजतक के एक कार्यक्रम पंचायत उत्तराखंड में ये भी कहा कि पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आये थे,उन्होंने उनके स्टिंग का ज़िक्र करते हुए सीबीआई को इशारा किया,और कहा तभी उन्होंने ट्वीट में आलाकमान से समुंद्र में तैरने के लिए ताकत मांगी,बिना हाथ पांव खुले समुंद्र को पार नही किया जा सकता। हमे ताकत दें,ताकि हम सत्ता के मगरमच्छों से मुकाबला कर सके।
हरीश ने भाजपा सरकार को भी कई मुद्दों पर घेरा। उन्होंने कहा कि युवा चेहरे को आगे रख देने भर से राज्य का भला नहीं होने वाला है। सब जानते हैं कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार को दिल्ली में बैठे लोग चला रहे हैं। उनका जब मन आता है, किसी को भी कुर्सी से हटा देते हैं, किसी को भी कुर्सी पर बैठा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्रियों को बदलने से माहौल नहीं बदलने वाला है। आज कोई भी भाजपा नेता यह बताने की स्थिति में नहीं है कि उनके यहां एक के बाद एक मुख्यमंत्री क्यों बदले गए। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में हमारी सरकार बनेगी और वह दिल्ली नहीं देहरादून से ही चलेगी।
अभी तो मैंने सिर्फ बैंटिंग शुरू की है...
युवा नेतृत्व बनाम हरीश रावत के सवाल पर बोले कि लोग पूछ रहे हैं, इस बूढ़े ने क्या खाया है, जो इन जवानों ने नहीं खाया है। अभी तो मैंने सिर्फ बैटिंग शुरू की है, अगर बॉलिंग के साथ थ्रो भी फेंकना शुरू कर दिया तो यह लोग कहीं नहीं ठहर पाएंगे। हरीश ने कहा कि हमारे पास हर वर्ग, हर उम्र के नेता हैं। भविष्य की पूरी लाइनअप खड़ी है।
भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पूर्व सीएम ने कहा उत्तराखंड के लोगों ने इन्हें यह सोचकर डबल इंजन दिया था कि यह प्रदेश का भला करेंगे, यहां के लोगों को रोजगार देंगे, लेकिन इन्होंने तो गाड़-गदेरे खोदने का काम शुरू कर दिया। आज उत्तराखंड का कोई ऐसा गाड़-गदेरा नहीं बचा है, जो खोदा न गया हो। उन्होंने मुख्यमंत्री को खनन प्रेमी की संज्ञा देते हुए कहा कि आज यह नाम बच्चे-बच्चे की जुबान पर चढ़ गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा विशुद्ध रूप से मांसाहारी पार्टी है, जबकि कांग्रेस गांधी में विश्वास रखती है।
बात जब हरक सिंह की आयी तो उन पर बोलते हुए हरीश रावत ने कहा ये उनका दर्द है कि वह सीएम नहीं बन पाए, इस सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि मैं अभी सीएम बना ही था, अगर कुर्सी हरक को दे देता तो खुद क्या घुइयां छीलता। उन्होंने कहा कि उन्हें एक बार सीएम बनना था वह बन गए, अगर पार्टी दोबारा मौका देगी, तो फिर उसी जोश के साथ फिर से चौके-छक्के लगाएंगे।