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उत्तराखंडः मरीजों का इलाज करते रहे, लेकिन महीनों नहीं मिली सैलरी! 8 युवा डॉक्टरों की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, अब वेतन-एरियर भुगतान की तय हुई समयसीमा

editor
  • Awaaz Desk
  • August 25, 2026 11:08 AM
Uttarakhand: Kept treating patients but went months without salary! High Court takes a stern view of a petition filed by 8 young doctors; a deadline has now been set for the payment of salaries and arrears.

नैनीताल। शहरी स्वास्थ्य एवं वेलनेस सेंटरों में सेवाएं दे रहे आठ युवा डॉक्टरों की रुकी हुई सैलरी के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के नगर आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि डॉक्टरों के बकाया वेतन की 75 प्रतिशत राशि 10 दिन के भीतर और शेष 25 प्रतिशत राशि चार सप्ताह के भीतर भुगतान की जाए। वहीं डॉक्टरों को आवश्यक कागजी औपचारिकताएं और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए एक सप्ताह का समय देते हुए मामले को निस्तारित कर दिया है। बता दें कि डॉ. ऋषि मुद्गल समेत आठ युवा एमबीबीएस डॉक्टरों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि ये सभी डॉक्टर नेशनल हेल्थ मिशन के तहत संचालित अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में सेवाएं दे रहे थे। देहरादून और हरिद्वार की अर्बन लोकल बॉडीज के अंतर्गत संचालित इन केंद्रों में डॉक्टर रोजाना करीब 70 मरीजों का इलाज कर रहे थे। याचिकाकर्ता डॉक्टर अलग-अलग समय पर इन केंद्रों से जुड़े थे। किसी ने अक्टूबर-नवंबर 2025 में काम शुरू किया, तो कोई मार्च 2026 में सेवा में आया। शुरुआत में उन्हें नियमित रूप से वेतन मिला, लेकिन मार्च के बाद वेतन का भुगतान रुक गया। वेतन नहीं मिलने के कारण एक-एक कर डॉक्टरों ने अपनी नौकरी छोड़ दी। इसके बावजूद अप्रैल से अगस्त तक उनका बकाया वेतन और एरियर उन्हें नहीं मिल पाया। डॉक्टरों की ओर से अदालत में कहा गया कि उन्होंने निजी क्षेत्र में बेहतर करियर के अवसरों को छोड़कर जनस्वास्थ्य सेवा के लिए नेशनल हेल्थ मिशन की इस योजना के तहत काम किया। लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें अपनी सेवाएं छोड़नी पड़ीं। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन आठ युवा डॉक्टरों को उनके लंबित वेतन और एरियर मिलने का रास्ता साफ हो गया है।


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