उत्तराखंड:हद हो गयी भई! न तो भवन हस्तांतरित हुआ न ही पद हुए स्वीकृत,बेस अस्पताल कर दिया शुरू,सीमांत लोगो के साथ ये कैसा भद्दा मज़ाक?
उत्तराखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाएं जग जाहिर है,ग्रामीण इलाकों में डंडे कंडे पर ही अगर सुविधा उपलब्ध हो गयी तो गनीमत समझिए, वरना अक्सर बीमार ग्रामीण रास्ते मे ही दम तोड़ देते हैं। उत्तराखंड राज्य बनने के पहले साल से ही सीमांत क्षेत्रों में अस्पताल बनाने की मांग उठती आई है , आम जन के हलक सूख गए ये मांग करते करते, परन्तु राज्य सरकार के कानों में जूँ तक नही रेंगती,लेकिन अस्पताल बनाने के नाम पर सीमांत क्षेत्रों के इन लोगो के साथ सरकार द्वारा भद्दा मजाक ज़रूर किया गया । ऐसा ही एक मामला जनपद पिथौरागढ़ से सामने आया है। पिथौरागढ़ में न भवन हस्तांतरित हुआ,न ही बेस के लिए पद स्वीकृत किए गए लेकिन बेस अस्पताल शुरू कर दिया गया। ये गड़बड़ घोटाला सामने आने के बाद खलबली मची हुई है। दरअसल सीमांत में 63 करोड़ की निर्माणाधीन बेस अस्पताल के भवन में बेस अस्पताल के संचालन के नाम पर पिथौरागढ़ जिला अस्पताल की एक एक्सटेंशन यूनिट खोलकर सीमांत के लोगों के साथ मजाक किया गया है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि कार्यदायी संस्था अभी तक बेस अस्पताल का निर्माण पूरा नहीं कर पाई है। बेस अस्पताल के संचालन के लिए शासन से पदों को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। निर्माणाधीन बेस अस्पताल को बिना किसी तैयारी और स्टाफ के बिना जिला अस्पताल की एक एक्सटेंशन यूनिट खोलने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।
अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक एक माह पूर्व पिथौरागढ़ आए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बेस अस्पताल भवन का लोकार्पण कर स्वास्थ्य विभाग को हर हाल में एक माह के भीतर बेस अस्पताल को शुरू करने के निर्देश दिए थे। सीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बेस के संचालन के लिए स्टाफ का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। अभी तक भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। कार्यदायी संस्था ने बेस अस्पताल के बिल्डिंग का निर्माण कार्य तो पूरा कर दिया है लेकिन अभी सिर्फ 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है। अभी अस्पताल परिसर में सड़क कनेक्टिविटी, ड्रेनेज, सुरक्षा दीवार के निर्माण करना शेष है। बचे हुए कार्य को पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था ने शासन को 18 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। अभी इसे भी शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। सीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जनता को गुमराह करने के लिए जिला अस्पताल की एक एक्सटेंशन यूनिट निर्माणाधीन बेस में खोल दी है। पूर्व कांग्रेस विधायक मयूख महर का कहना है कि बेस अस्पताल में बेस अस्पताल का ही संचालित होना चाहिए ना कि जिला अस्पताल के नाम पर एक्सटेंशन यूनिट खुलनी चाहिए। उनका कहना है कि जनता को गुमराह करने के लिए एक्सटेंशन यूनिट को खोला गया है।
पिथौरागढ़ बेस अस्पताल के संचालन के लिए आवश्यक उपकरण, बैड, कंबल, चादर, बैड सीट, स्टाफ के बैठने के लिए कुर्सियां भी नहीं आ पाई है। स्वास्थ्य विभाग ने बेस अस्पताल के लिए आवश्यक उपकरणों का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है। जिसमें एक्स-रे डिजिटल मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, सीआर्म मशीन, सीबीसी मशीन, बायो केमिस्ट्री सेनी ऑटो एनालिजर मशीन की डिमांड भी शासन को भेजी है।
बेस के संचालन के लिए इस स्टाफ की है जरूरत
पिथौरागढ़। बेस अस्पताल के संचालन के लिए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन, न्यूरो फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, दो सर्जन, ईएनटी सर्जन, आर्थो सर्जन, दो आई सर्जन, पैथोलॉजिस्ट, छह जीडीएमओ, छह ईएमओ, दो गाइनो, एक चर्म रोग विशेषज्ञ, दो बाल रोग विशेषज्ञ, दो निश्चेतक, एक मनोचिकित्सक, चार एलएमओ, एक वरिष्ठ दंत शल्यक, एक दंत चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, दो मैटर्न, 18 सिस्टर, 36 स्टाफ नर्स, एक प्रभारी अधिकारी फार्मेसी, पांच चीफ फार्मासिस्ट, नौ फार्मासिस्ट, तीन एलटी, दो ईसीजी टेक्नीशियन, दो एक्स-रे टेक्नीशियन, एक डार्क रूम सहायक, दो सिटी स्कैन टेक्नीशियन, दो डायलसिस टेक्नीशियन, तीन नेत्र सहायक, डेंटल हाईजिनिस्ट,15 डाटा एंट्री ऑपरेटर, एक मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एक प्रशासनिक अधिकारी, दो प्रधान सहायक, दो वरिष्ठ सहायक, छह कनिष्ठ सहायक, एक स्टोर कीपर, एक स्टीवर्ड, एक इलेक्ट्रीशियन, एक प्लंबर, दो वाहन चालक और 60 चतुर्थ श्रेणी की जरूरत है।
"बेस अस्पताल में अभी सिर्फ जिला अस्पताल की एक्सटेंशन यूनिट का संचालन किया जा रहा है। भविष्य में बेस अस्पताल को भी शुरू कर दिया जाएगा।" - डॉ. आशीष चौहान, डीएम पिथौरागढ़।
"कोरोना के नए स्वरूप के खतरे को देखते हुए निर्माणाधीन बेस अस्पताल में जिला अस्पताल के एक्सटेंशन यूनिट खोली गई है। अभी बेस अस्पताल निर्माणाधीन है। अभी भवन हस्तांतरित भी नहीं हुआ है। कार्यदायी संस्था ने बचे हुए कार्य को पूरा करने के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा है"। - डॉ. एचएस ह्यांकी, सीएमओ पिथौरागढ़।