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उत्तराखण्डः एम्स ऋषिकेश में बड़े घोटाले का खुलासा! पूर्व निदेशक समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज, सीबीआई जांच में खुली पोल

editor
  • Awaaz Desk
  • September 29, 2025 12:09 PM
Uttarakhand: Major scam exposed at AIIMS Rishikesh! Case filed against four people, including the former director; CBI investigation exposes the matter.

देहरादून। एम्स ऋषिकेश से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, यहां 2.73 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आए हैं। इस मामले में पूर्व निदेशक समेत कई लोगों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ है। आरोप है कि कोरोनरी केयर यूनिट की स्थापना के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं हैं। कई जरूरी उपकरण और सामग्री खरीदी ही नहीं गई और कागजों पर भुगतान दिखाकर ठेकेदार को अनुचित फायदा पहुंचाया गया। इस पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही थी। सीबीआई की जांच में आरोपी की पुष्टि हुई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्रप्शन ब्यूरो (एसीबी) सीबीआइ ने पूर्व निदेशक एम्स डॉ. रविकांत तत्कालिक एडिशनल प्रोफेसर रेडिएशन ओंकोलाजी राजेश पसरीचा और तत्कालीन स्टोर कीपर रूप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों ने न केवल कागजों में हेराफेरी की बल्कि महत्वपूर्ण फाइलें तक गायब कर दीं ताकि गड़बड़ी उजागर न हो सके। सीबीआई की टीम ने 26 मार्च 2025 को एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में छापेमारी की टीम ने 16 बिस्तरों वाले कोरोनरी केयर यूनिट की निविदा फाइल मांगी, लेकिन स्टोर अधिकारी दीपक जायसवाल ने बताया कि वह लंबे समय से गायब है। सीबीआई के अनुसार रिकार्ड रूम में भी काफी खोजबीन की गई, लेकिन दस्तावेज का कोई सुराग नहीं मिला। जानकारी के मुताबिक यह ठेका 5 दिसंबर 2017 को दिल्ली की कंपनी को दिया गया था। वर्ष 2019 और 2020 के बीच में सामान की खरीदारी हुई थी। बावजूद इसके 16 बेड की केयर यूनिट एक भी दिन नहीं चली, जिसका लाभ आज तक मरीजों को नहीं मिला।


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