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उत्तराखंड: महिला दिवस पर राजभवन में ‘मेरी पहचान कार्यक्रम, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और लाभार्थियों को मिला सम्मान

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 06, 2026 10:03 AM
Uttarakhand: 'Meri Pehchan' programme organised at Raj Bhavan on Women's Day, honouring women and beneficiaries who have done excellent work.

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजभवन स्थित लोक भवन में आयोजित ‘मेरी पहचान–2026’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने संयुक्त रूप से प्रतिभागियों को सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं आज हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में राज्य की महिलाओं ने शिक्षा, प्रशासन, उद्यमिता, सामाजिक सेवा और विभिन्न अन्य क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं को अवसर, संसाधन और उचित मंच उपलब्ध कराने से वे समाज और देश के विकास में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं।

कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई वात्सल्य योजना के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों और परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है। मंत्री रेखा आर्या ने यह भी बताया कि सरकार ने अनाथ किशोर-किशोरियों को सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। रेखा आर्या ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की वास्तविक शुरुआत परिवार से ही होती है। यदि परिवार और समाज में महिलाओं को समान सम्मान और अवसर मिलें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव स्वतः दिखाई देने लगेंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण उस दिन पूर्ण माना जाएगा, जब उन्हें अपने अधिकारों के लिए अलग से आवाज उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और महिला दिवस जैसे औपचारिक आयोजनों की आवश्यकता भी स्वतः समाप्त हो जाएगी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारियों, अधिकारियों तथा सरकारी योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं को उनके उत्कृष्ट योगदान और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।


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