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उत्तराखण्डः अल्मोड़ा में स्कूल के पास मिले 161 जैलेटिन ट्यूब के रहस्य का खुलासा! एक शख्स गिरफ्तार

editor
  • Awaaz Desk
  • November 25, 2025 12:11 PM
Uttarakhand: Mystery of 161 gelatin tubes found near a school in Almora solved! One person arrested.

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा पुलिस ने सल्ट क्षेत्र में स्कूल के पास भारी मात्रा में मिले विस्फोटक पदार्थ (जैलेटिन ट्यूब) के मामले का खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि विगत 20 नवंबर 2025 को सल्ट थाना क्षेत्र में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डभरा के पास झाड़ियों के पास खुले स्थान से 161 अदद बेलनाकार जैलेटिन ट्यूब बरामद हुए थे। जैसे ही ये बात लोगों को पता चली तो हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें होने लगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच टीमें बुलाई गयीं। इधर एसएसपी देवेन्द्र पींचा ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल अपर पुलिस अधीक्षक हरबन्स सिंह के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी रानीखेत विमल प्रसाद के नेतृत्व में जनपद स्तर पर चार अलग-अलग टीमें गठित कीं। इसके साथ ही बम डिस्पोजल टीम, डॉग स्क्वाड, स्थानीय एवं आसपास के थाना पुलिस, एलआईयू, आईआरबी को ब्रीफ कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। टीमों द्वारा घटनास्थल एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में सघन सर्च अभियान चलाया गया। आज पुलिस ने मामले में प्रशान्त कुमार बिष्ट को गिरफ्तार किया है। चंपावत निवासी प्रशांत कुमार ने पूछताछ में विस्फोटक की बरामदगी को लेकर सबसे बड़ा राज खोला। बताया कि उसने वर्ष 2016-17 में 3 किलोमीटर लम्बी रोड निर्माण का कार्य लिया था। उस दौरान वह नजदीकी गांव में किराये का कमरा लेकर रहता था। निर्माणाधीन रोड में चट्टान आने से वर्ष 2018 में उसके पार्टनर लवी ने किसी से बात की थी तथा वही जैलेटिन ट्यूब विस्फोट के लिए लाया था। प्रशांत ने बताया कि 6-7 वर्षों तक कमरा खाली नहीं करने पर जून 2025 को मकान मालिक हिम्मत सिंह ने किरायेदार से संपर्क किया, लेकिन वह नहीं आया। तत्पश्चात प्रशांत ने मकान मालिक को कमरे का ताला तोड़ कर सफाई करने के लिए कहा। मकान मालिक द्वारा मजदूरों से उक्त कमरे की सफाई कराकर सभी सामग्री को झाड़ियों में फेंक दिया गया। मकान मालिक को उक्त जैलेटिन ट्यूब के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने इसे भी हटा दिया। फिलहाल प्रशांत की गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट हुआ कि विस्फोटक का इस्तेमाल पुरानी रोड निर्माण सामग्री के रूप में किया जाना था और यह अनजाने में ही झाड़ियों में फेंका गया था। पुलिस द्वारा मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों के संबंध में अभियुक्त से गहनता से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस टीम में विनोद जोशी, भुवन जोशी, अजेंद्र प्रसाद, कश्मीर सिंह, अवनीश कुमार, संजय जोशी, दिनेश नाथ महन्त, लोमेश कुमार, लखविंदर सिंह, सुरेन्द्र सिंह, राकेश भट्ट, राजेश भट्ट, इरशाल उल्ला, अवधेश कुमार, गणेश पाण्डे, चन्दन सिंह मौजूद रहे। 
 


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