अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड से उबाल पर उत्तराखण्डः अल्मोड़ा की दो सगी बहनों ने खून से लिखा राष्ट्रपति को पत्र, पूछा- क्या वीआईपी लोगों को अपराध करने की खुली छूट है?
अल्मोड़ा। उत्तराखण्ड में अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड का मामला खासा गरमाया हुआ है। प्रदेशभर में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं और बेटी को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग उठा रहे हैं। रविवार को राजधानी देहरादून समेत तमाम जगहों पर लोग सड़कों पर उतरे। कथित वीआईपी को लेकर लोगों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में अल्मोड़ा जिले की सल्ट विकासखंड की दो सगी बहनों ने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा है, जिसमें उन्होंने एक सवाल पूछते हुए लिखा है कि वीआईपी लोगों को अपराध करने की छूट है क्या? अल्मोड़ा के सल्ट निवासी कुसुम लता बौड़ाई और उनकी छोटी बहन संजना ने अपने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा है। पत्र में बहनों ने सीधा सवाल पूछा है कि जब देश की एक बेटी को न्याय नहीं मिलता, तो बाकी बेटियां खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करें? खून से लिखे पत्र के माध्यम से बहनों ने आरोप लगाया है कि अंकिता भंडारी केस में सबूतों को नष्ट करने की कोशिशें और प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देने की आशंकाएं न्याय की राह में रोड़ा बन रही है। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है, जैसे जुमलों से अब जनता को और अधिक नहीं बहलाया जा सकता। यह पत्र उस हताशा और आक्रोश का प्रतीक है, जो उत्तराखंड के लोगों में अंकिता केस के बाद से लगातार गहराता जा रहा है।