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उत्तराखंड: भारी बारिश का ऑरेंज-यलो अलर्ट! भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे समेत कई सड़कें बंद, अलकनंदा नदी चेतावनी स्तर के करीब पहुंची

editor
  • Awaaz Desk
  • July 06, 2026 06:07 AM
Uttarakhand: Orange-Yellow alert for heavy rain! Several roads, including the Yamunotri Highway, closed due to landslides; Alaknanda River nears warning level.

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून ने पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है और लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने सोमवार को बागेश्वर जिले में भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि देहरादून, हरिद्वार समेत प्रदेश के अन्य सभी जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने सात जुलाई से 11 जुलाई तक पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा की संभावना जताई है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, पहाड़ों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं और कई महत्वपूर्ण सड़कें मलबा आने से बंद हो गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। इधर लगातार बारिश के चलते उत्तरकाशी जिले में स्याना चट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे पर भारी भूस्खलन हो गया, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोग, पर्यटक और यमुनोत्री धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालु घंटों तक रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे। वहीं चमोली जिले में भी लगातार बारिश के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। देवाल-लोहाजंग-वाण स्टेट हाईवे पर गमलीगाड़ क्षेत्र में भारी मलबा और चट्टानें आने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सड़क बंद होने के कारण देहरादून, हल्द्वानी, गोपेश्वर सहित विभिन्न शहरों की ओर जाने वाले 30 से अधिक वाहन बीच रास्ते में फंस गए।

रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी उफान पर, चेतावनी स्तर के करीब पहुंचा जलस्तर
चमोली जनपद में देर रात हुई भारी बारिश का असर अब रुद्रप्रयाग जिले में भी स्पष्ट दिखाई देने लगा है। अलकनंदा नदी तेजी से उफान पर बह रही है और उसका जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है। नदी का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। तेज बहाव के कारण नदी किनारे स्थित सभी घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी पानी भर गया है, जिससे आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। प्रशासन ने एहतियातन लोगों को नदी किनारे जाने से रोक दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अलकनंदा नदी के बढ़ते जलस्तर का सबसे बड़ा असर रुद्रप्रयाग के बेलनी क्षेत्र में देखने को मिला, जहां नदी किनारे से लगभग 30 मीटर दूर स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा भी बाढ़ के पानी में डूब गई। नदी अपने सामान्य बहाव क्षेत्र से कई मीटर बाहर तक फैल गई हैए जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। घाट पूरी तरह पानी में समा चुके हैं और नदी तक जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाने और नदी के समीप न जाने की अपील की है।


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