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उत्तराखण्डः पापा जल्दी आ जाओ... आखिरी पुकार बनी दर्दनाक कहानी! देहरादून में विवाहिता की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया जहर देकर हत्या का आरोप

  • Awaaz Desk
  • March 31, 2026 12:03 PM
Uttarakhand: Papa, please come quickly... A tragic story becomes a final cry! A married woman dies under suspicious circumstances in Dehradun; her family alleges she was murdered by poisoning.

देहरादून। राजधानी देहरादून के रायवाला थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न और संदिग्ध हत्या का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर समाज में दहेज जैसी कुप्रथा की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है। ऋषिकेश के खदरी रोड श्यामपुर निवासी वेदपाल सिंह ने अपने दामाद विक्की, समधी रविन्द्र सिंह और समधन गुड्डी देवी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। उनका कहना है कि तीनों ने मिलकर उनकी बेटी मेघा को साजिश के तहत जहर देकर मार डाला। जानकारी के अनुसार मेघा की शादी करीब साढ़े तीन साल पहले बिजनौर जिले के मंडावर थाना क्षेत्र के गंजालपीर गांव निवासी विक्की से हुई थी। आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों से ही मेघा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। पिता वेदपाल सिंह के मुताबिक विक्की, उसकी मां और पिता लगातार दहेज की मांग को लेकर मेघा के साथ मारपीट करते थे और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। हालात इतने खराब हो गए थे कि मेघा को कई बार घर से बाहर भी निकाल दिया गया। बेटी की तकलीफ को देखते हुए वेदपाल सिंह ने कई बार समझौते की कोशिश की। रिश्तों को बचाने के लिए उन्होंने अपनी बेटी और दामाद को छिद्दरवाला में किराये के मकान में रहने की व्यवस्था करवाई और विक्की को काम भी दिलवाया, ताकि दोनों की जिंदगी पटरी पर आ सके। लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं आया। आरोप है कि विक्की शराब के नशे में मेघा के साथ मारपीट करता रहा और अपने परिवार के उकसावे में आकर अत्याचार और बढ़ाता गया। घटना वाली रात 28 मार्च 2026 को, जब वेदपाल सिंह ने अपनी बेटी को फोन किया, तो फोन के दूसरी ओर से रोने की आवाज सुनाई दी। मेघा ने बस इतना कहा कि पापा, जल्दी आ जाओ। यह सुनते ही वेदपाल तुरंत छिद्दरवाला पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने अपनी बेटी को बेहद गंभीर हालत में पाया। मेघा दरवाजे के सहारे खड़ी थी और उसकी हालत नाजुक थी। आनन-फानन में वे उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसे जहर दिया गया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेघा को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। एम्स में उपचार के दौरान मेघा ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वेदपाल सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में साफ तौर पर आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 30 मार्च 2026 को रायवाला थाने में एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपियों के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 4 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 80(2) के तहत मुकदमा कायम किया गया है। मामले की जांच उप पुलिस अधीक्षक नीरज सेमवाल को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह घटना एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक बेटियां दहेज की बलि चढ़ती रहेंगी और कब इस कुप्रथा पर पूरी तरह लगाम लग पाएगी।


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