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उत्तराखण्डः बारिश ने खोली निर्माण कार्य की पोल! दो महीने में दूसरी बार गिरी सुरक्षा दीवार, करोड़ों के अस्थायी समाधान पर ग्रामीणों और व्यापारियों में आक्रोश

editor
  • Awaaz Desk
  • July 30, 2026 01:07 PM
Uttarakhand: Rain exposes the reality of construction work! Safety wall collapses for the second time in two months; villagers and traders outraged over 'temporary solution' costing crores.

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामपुर बाजार के समीप स्थित संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्र में बनाई गई सुरक्षा दीवार महज दो महीने में दूसरी बार ढह गई है। लगातार हो रही बारिश के बीच सुरक्षा दीवार के ध्वस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यापारियों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कार्यदायी संस्था और संबंधित विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए पूरे क्षेत्र के वैज्ञानिक उपचार और निष्पक्ष जांच की मांग की है। केदारघाटी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच रामपुर बाजार के ऊपर स्थित भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में बनाई गई सुरक्षा दीवार बुधवार रात भर-भराकर ढह गई। यह वही स्थान है जहां जून महीने में भी पहली बारिश के दौरान पुश्ता धंस गया था। उस समय विभाग ने निर्माण में खामियों को स्वीकार करते हुए बेहतर गुणवत्ता से दोबारा निर्माण कराने का दावा किया था, लेकिन दूसरी बार भी सुरक्षा दीवार ढहने से विभागीय दावों की पोल खुल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में वर्षों से लगातार भू-धंसाव हो रहा है, लेकिन हर बार करोड़ों रुपये खर्च कर केवल अस्थायी समाधान किया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना वैज्ञानिक अध्ययन के केवल पुश्ते बनाकर समस्या को टालने की कोशिश की जा रही हैए जिसका नतीजा हर बारिश में सामने आ रहा है। ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि यह भूस्खलन क्षेत्र सीधे रामपुर बाजार के ऊपर स्थित है। यदि समय रहते प्रभावी और स्थायी उपचार नहीं किया गया तो लगातार हो रहा भू-धंसाव बाजार और आसपास के भवनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। लोगों ने विशेषज्ञ संस्थाओं से भू-वैज्ञानिक सर्वे कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करने और पूरे ढलान का आधुनिक तकनीक से स्थायी उपचार कराने की मांग उठाई है।


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