उत्तराखंड-रुद्रपुर:पीएम मोदी ने कांग्रेस को लिया आड़े हाथों,उत्तराखंड में कांग्रेस ने लगाए घोटालों के चौक्के छक्के,मुँह में राम बगल में छूरी
उत्तराखंड में आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है।14 फ़रवरी को वोटिंग शुरू होगी। पीएम नरेंद्र मोदी बीजेपी का प्रचार करने में कोई कसर नही छोड़ रहे,पूरी ताकत झोंकते हुए आज चुनाव प्रचार के दौरान उत्तराखंड के रुद्रपुर में पीएम मोदी ने कहा, हमारी सरकार ने कोरोना के दौरान मुफ्त राशन और कई अन्य योजनाओं के माध्यम से गरीबों को सहायता प्रदान की. अगर कांग्रेस राज्य पर शासन कर रही होती तो भ्रष्टाचार होता,पहले की सरकार अगर होती तो क्या ये मुफ्त राशन आप तक पहुंचता? बहनों को जो मुफ्त सिलेंडर मिले, वो क्या पहले की सरकार में आप तक पहुंचते ? बहनों के खातों में जो लाखों रुपये भेजे गए, पहले की सरकार होती तो क्या वो आप तक पहुंचते?
कांग्रेस की दशकों से एक ही पॉलिसी रही है, चुनाव में बड़े-बड़े वादे करो, सरकार बनाओ, फिर वादे पूरे नहीं, घोटाले-भ्रष्टाचार करो. इस बार भी जो वादे इन्होंने किए हैं, वो झूठ का पुलिंदा है. अफवाह फैलाने वाले नहीं चाहते थे कि वैक्सीन का कवच पाने के बाद रोज़गार और उद्योग धंधे फिर से चल पड़ें. ये सोचते थे कि सब कुछ पटरी पर आ जाएगा तो ये मोदी को गाली कैसे देंगे. भारत को बदनाम कैसे करेंगे, लेकिन ये लोग उत्तराखंड का सामर्थ्य भूल जाते हैं.
उनकी सरकार ने उत्तराखंड को सड़कों से वंचित रखा. वो कहते थे कि पहाड़ी राज्यों में आधुनिक हाईवे कैसे बनेंगे. हम यहां हाईवे भी बना रहे हैं, रेलवे से भी जोड़ रहे हैं और एयरपोर्ट का भी विकास कर रहे हैं. वो आपके बीच आकर झूठ का चौका लगा रहे हैं, लेकिन इसकी सच्चाई ये ही है कि उत्तराखंड में घोटाले के चौके-छक्के लगाते रहे, ये उनका चरित्र है. ये वो लोग हैं जिन्होंने खनन माफियाओं के साथ मिलकर, मां गंगा को भी नहर घोषित कर दिया था. ये लोग मां गंगा को भी लूटने में लगे थे.यही हम में और उनमें फर्क है. हम मां गंगा की स्वच्छता के लिए काम करते हैं, ये गंगा पर हाथ साफ करने के लिए काम करते हैं. विकास के कामों को लेकर कुछ लोग भाजपा की डबल इंजन सरकार का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं. ये लोग अपने समय की लूट, खसोट, भ्रष्टाचार पर जवाब नहीं दे पा रहे हैं. अचानक इन लोगों को उत्तराखंड की संस्कृति की याद आ रही है, जिन लोगों को देश की विरासत कभी समझ नहीं आई, वो आज संस्कृति की बातें कर रहे हैं.
वीर साहिबजादों का बलिदान हिंदुस्तान के बच्चों को आने वाली सदियों तक प्रेरणा देने की ताकत रखता है। लेकिन उन्हें वीर साहिबजादों का बलिदान भी कभी नजर नहीं आया. भाजपा की सरकार ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है. जो लोग उत्तराखंड की पहचान को खत्म करने के लिए साजिश कर रहे हैं, वो लोग उत्तराखंड की संस्कृति के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं, बहुत पुरान कहावत है- 'मुंह में राम, बगल में छूरी!