Uttarakhand: नदियों का पवित्र जल लेकर अयोध्या रवाना हुए संत! 19 को राम नगरी पहुंचेगी यात्रा, रामलला का होगा जलाभिषेक
हरिद्वार। अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर हर तरफ खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। हर कोई राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भागीदार बनना चाहता है। 22 जनवरी को भगवान राम के मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम में देश के कई बड़े संतो और गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। हरिद्वार से अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में आज उत्तराखंड की पवित्र नदियों का जल अयोध्या के लिए शोभायात्रा के माध्यम से रवाना हुआ। इस दौरान महंत रविंद्रपुरी महाराज ने शंकराचार्य और कांग्रेस नेताओं द्वारा राम मंदिर उद्घाटन का विरोध किए जाने पर उन्हें आड़े हाथों लिया।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी महाराज का कहना है कि आज अयोध्या के लिए हमारी यात्रा प्रारंभ हो गई है। रात को मुरादाबाद, कल बरेली से लखनऊ और 19 तारीख को यात्रा अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा में रथ पर रखा जल गंगोत्री-यमुनोत्री हरिद्वार के हर की पैड़ी और सरयू के उद्गम स्थान का है। इस यात्रा को लेकर जाने का उद्देश्य यह है कि पवित्र जल भगवान श्री राम के अभिषेक में काम आए। महंत रविंद्रपुरी महाराज ने शंकराचार्य द्वारा राम मंदिर उद्घाटन का विरोध किए जाने पर कहा कि शंकराचार्य द्वारा किए जा रहे विरोध का में समर्थन नहीं करता। सभी संत समाज और सनातनी लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है।