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उत्तराखण्डः स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी देहरादून में जापान की प्रोफेसर डॉ. नागाहामा का हुआ स्वागत! 10 वर्षों के शोध के अनुभवों को किया साझा

editor
  • Awaaz Desk
  • August 19, 2022 11:08 AM
Uttarakhand: School of Agriculture Graphic Era Hill University, Dehradun, welcomes Professor Dr. Nagahama of Japan! Shared 10 years of research experiences

देहरादून। स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर, ग्राफ़िक एरा हिल यूनिवर्सिटी, देहरादून ने विगत दिवस 18 अगस्त को जापान यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक्स, फुकुओका, जापान की प्रोफेसर डॉ. काजुयो नागाहामा द्वारा आमंत्रित वार्ता का आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रोफेसर के पी नौटियाल ऑडिटोरियम में किया गया। डॉ. काज़ुयो ने ’उत्तराखंड में वन पंचायत प्रणाली और जापान में सामुदायिक वन प्रणाली’ पर बात की। उन्होंने उत्तराखंड के गांवों में अपने 10 वर्षों के शोध के अनुभवों को साझा किया और छात्रों को प्रेरित किया।

डॉ. काजुयो विगत दस वर्षों से उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में वन पंचायत व्यवस्था पर कार्य कर रही हैं। अपने वक्तव्य में उन्होंने उत्तराखंड के पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली आदि गावों में वन पंचायत व्यवस्था में लोगों की भागीदारी, उससे होने वाले लाभ (आर्थिक एवं पर्यावरणीय) एवं विभिन्न समुदायों, स्त्री-पुरुषों एवं प्रत्येक आय के लोगों का वन पंचायत व्यवस्था के प्रति रुझान के आंकलन को समझाया। वहीं दूसरी ओर उन्होंने जापान में वन समुदायों की वर्तमान स्तिथि एवं कुछ बहुमूल्य वन प्रजातियों के उपयोग पर प्रकाश डाला।

सर्वप्रथम कार्यक्रम संयोजक डॉ. बलवंत रावत ने कार्यक्रम को प्रारम्भ करते हुए वनों के महत्व पर प्रकाश डाला एवं अतिथियों का स्वागत किया। उसके पश्चात एसोसिएट डीन डॉ. वाई पी सिंह ने मुख्य वक्ता डॉ. काजुयो का संक्षिप्त परिचय दिया। डॉ. सिंह ने अतिथियों एवं अन्य श्रोताओं को जापान के सामाजिक एवं आर्थिक बिंदुओं से अवगत कराते हुए डॉ. काजुयो को उनके व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर संस्थान के शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. आर गौरी, शोध अधिष्ठाता डॉ. कमलेश पंत, कुलसचिव डॉ. अरविन्द धर, श्री जय राज जी, पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ), देहरादून एवं कृषि संकाय के समस्त प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक एवं सहायक स्टाफ मौजूद रहे।


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