उत्तराखण्डः नैनीझील की दुर्दशा पर सख्ती दिखाते हुए हाईकोर्ट ने एसडीएम, नगर पालिका ईओ सहित कोतवाल को अदालत में किया तलब, झील की सफाई सम्बंधित विस्तृत योजना के साथ पेश होने के दिए निर्देश
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आज नैनीताल की प्रसिद्ध और जीवनदायिनी नैनी झील में प्रदूषण और गंदगी के मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए सोमवार को एसडीएम, नगर पालिका ईओ सहित मल्लीताल कोतवाली के प्रभारी को अदालत में तलब किया है। न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की पीठ ने अदालत ने नैनीझील की दुर्दशा पर सख्ती दिखाते हुए इन तीनों से झील की सफाई के मामले में विस्तृत योजना के साथ अदालत में पेश होने को कहा है। आपको बता दें कि पिछले दो तीन दिनों से नैनीताल में लगातार भारी बारिश हो रही है जिसके चलते नैनीताल के तमाम नालों से कूड़ा करकट नैनी झील में समा रहा है। कूड़े के साथ झील में प्लास्टिकजनित कूड़ा भी साफ तैरता हुआ दिखाई देने लगा है। ये कूड़ा झील के किनारे एक लेयर के रूप में दिखाई देने लगा है दूर से ही झील गंदी और प्रदूषित दिखाई देने लगी है। जबकि झील संरक्षण के नाम पर लेक ब्रिजचुंगी से प्रति वाहन दस रुपये भी अतिरिक्त लिए जा रहे है बावजूद इसके प्रशासन झील को प्रदूषित होने से रोक नहीं पा रहा है। न्यायमूर्ति श्री शर्मा ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए एसडीएम राहुल साह, नगर पालिका के ईओ आलोक उनियाल और कोतवाल धर्मवीर सोलंकी को अदालत में तलब किया। न्यायमूर्ति शर्मा ने तीनों से झील को प्रदूषणमुक्त रखने और सफाई के बारे में जवाब तलब किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अदालत ने तीनों को बुधवार को विस्तृत योजना के साथ व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के निर्देश दिये है।