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उत्तराखंडः गैरसैंण में 27 अक्टूबर से दो दिवसीय विधानसभा सत्र! पहले दिन 7,000 करोड़ के अनुपूरक बजट समेत 8 विधेयक होंगे पेश

editor
  • Awaaz Desk
  • October 25, 2026 05:10 AM
Uttarakhand: Two-day assembly session to be held in Gairsain starting October 27! Eight bills, including a supplementary budget of ₹7,000 crore, will be presented on the first day.

देहरादून। गैरसैंण में 27 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के दो दिवसीय संक्षिप्त सत्र से पहले प्रदेश में सियासी तपिश बढ़ गई है। शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर कार्यमंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें सत्र का दो दिवसीय एजेंडा तय किया गया। हालांकि, प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने कार्यमंत्रणा और सर्वदलीय बैठक से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार, सत्र के पहले ही दिन सदन में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूडी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके तत्काल बाद सरकार सदन के पटल पर तकरीबन 7,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और आठ अहम विधेयक पेश करेगी। सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल आयोजित होगा और पहले दिन रखे गए अनुपूरक बजट समेत अन्य सभी विधेयकों पर विधायी चर्चा कर उन्हें मंजूरी प्रदान की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ने जानकारी दी कि इस दो दिवसीय सत्र के लिए 31 विधायकों की ओर से कुल 445 प्रश्न लगाए गए हैं।

कांग्रेस का लगातार बहिष्कार, बसपा ने दागे सवाल
संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ और बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद की मौजूदगी में हुई बैठकों में कांग्रेस का कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। कांग्रेस अगस्त 2025 के सत्र के बाद से ही कार्यमंत्रणा की बैठकों से दूर चल रही है। बैठक में मौजूद एकमात्र विपक्षी दल बसपा के विधायक मोहम्मद शहजाद ने सत्र की अवधि पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने सरकार पर जनहित के मुद्दों से भागने का खुला आरोप लगाया। शहजाद ने कहा कि दो दिन के सत्र में पहले दिन का अधिकांश समय श्रद्धांजलि में चला जाएगा। ऐसे में 70 विधायकों वाले सदन में केवल एक दिन के भीतर महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, आपदा और बुनियादी सुविधाओं जैसे संवेदनशील विषयों पर सार्थक चर्चा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल औपचारिकता पूरी कर रही है।

विधानसभा अध्यक्ष की गरिमा बनाए रखने की अपील
कांग्रेस की गैरमौजूदगी पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने स्पष्ट किया कि परंपरा के तहत सभी दलों को लिखित पत्र और फोन के जरिए विधिवत निमंत्रण भेजा गया था। किसी भी सदस्य को उपस्थित रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, यह उनका अपना निर्णय है। उन्होंने सभी दलों से सदन की गरिमा और संसदीय मर्यादा का सम्मान करने का आह्वान किया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन जनता की समस्याओं को उठाने और सरकार से जवाबदेही तय करने का सर्वोच्च मंच है। गैरसैंण सत्र पर पूरे देश और दुनिया की नजरें टिकी रहती हैं, इसलिए सभी जनप्रतिनिधियों को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में सत्र चलाने में सहयोग करना चाहिए।


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