उत्तराखण्डः किन्नर समाज की पहचान का दुरुपयोग करने वालों पर बवाल! रुद्रपुर में जबरन वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप, कथित फर्जी किन्नरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में कथित नकली किन्नरों द्वारा जबरन वसूली और अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोपों को लेकर मंगलवार को बड़ा हंगामा देखने को मिला। शहर में पिछले कई दिनों से किन्नर का वेश धारण कर लोगों से पैसे वसूलने और विरोध करने वालों के साथ अभद्रता किए जाने की शिकायतों के बीच असली किन्नर समाज के सदस्यों का गुस्सा फूट पड़ा। दो दर्जन से अधिक किन्नर एकजुट होकर मौके पर पहुंचे और कथित फर्जी किन्नरों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद ट्रांजिट कैंप कोतवाली में घंटों तक हंगामा चलता रहा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठी। जानकारी के अनुसार शहर के विभिन्न बाजारों, चौराहों और मुख्य मार्गों पर पिछले कुछ समय से कुछ युवक किन्नरों का वेश धारण कर दुकानदारों, वाहन चालकों और राहगीरों से जबरन धन वसूली कर रहे थे। आरोप है कि जो लोग पैसे देने से मना करते थे, उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता था। कुछ वाहन चालकों के साथ मारपीट किए जाने की बातें भी सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी थी। इसी बीच जब इस पूरे मामले की जानकारी किन्नर समाज तक पहुंची तो समुदाय के सदस्य बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। किन्नर समाज का आरोप था कि कुछ लोग उनकी पहचान का दुरुपयोग कर अवैध वसूली कर रहे हैं, जिससे पूरे समाज की छवि धूमिल हो रही है। उनका कहना था कि समाज की आड़ लेकर गलत गतिविधियां संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर पहुंचे किन्नर समाज के सदस्यों ने कथित फर्जी किन्नरों का विरोध किया और उन्हें पकड़कर ट्रांजिट कैंप कोतवाली ले गए। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। कोतवाली पहुंचने के बाद भी किन्नर समाज के सदस्यों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित फर्जी किन्नरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि समय रहते ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आम जनता के बीच किन्नर समाज की छवि लगातार खराब होती जाएगी और वास्तविक किन्नरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। किन्नर समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका समुदाय सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं के तहत कार्य करता है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व आर्थिक लाभ के लिए किन्नर का वेश धारण कर लोगों से जबरन वसूली कर रहे हैं। इससे न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि पूरे समुदाय की प्रतिष्ठा पर भी आंच आ रही है। उधर, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कथित पांच फर्जी किन्नरों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है।