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उत्तराखण्ड: बारिश-बर्फबारी से बदला मौसम! 5 जिलों में रेड और 5 में ऑरेंज अलर्ट! गरुड़-बागेश्वर हाईवे पर मलबा आने से यातायात ठप, अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के दिए निर्देश

editor
  • Awaaz Desk
  • September 26, 2026 09:09 AM
Uttarakhand: Weather shifts due to rain and snowfall! Red alert for 5 districts and orange alert for 5 others! Traffic halted on the Garud-Bageshwar highway due to debris; officials instructed to remain on alert 24/7.

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। शुक्रवार देर शाम से लगातार बारिश का दौर जारी है। इस दौरान जहां पहाड़ों में भूस्खलन के मामले सामने आ रहे हैं, वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है। इस बीच मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में भी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और कई जगह एहतियाती कदम उठाए गए हैं। नैनीताल और आसपास के क्षेत्र में कल शाम से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के चलते शहर के नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि नैनीझील का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है। झील का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी की निकासी के लिए निकासी गेट करीब 18 इंच तक खोल दिए गए हैं।  बागेश्वर जिले में देर रात से जारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। रवाईखाल के समीप पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आने से गरुड़-बागेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सड़क बंद होने के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमें मशीनरी के साथ मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाने का काम शुरू किया। बालीघाट से भी लोडर मशीनें भेजी गईं। अधिकारियों के अनुसार सड़क पर मलबे और बड़े पत्थरों की मात्रा अधिक होने के कारण यातायात सुचारु करने में तीन घंटे से अधिक समय लग सकता है। लगातार बारिश के कारण मार्ग पर दोबारा मलबा आने की आशंका भी बनी हुई है। बारिश और मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिले के सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ट्रैकर्स और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा भी दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित पाए जाने के बाद यात्रा को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा।

हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से बदला नजारा
चमोली जिले में स्थित श्री हेमकुंड साहिब में मौसम ने अलग ही रंग दिखाया है। यहां बर्फबारी के बाद पूरा क्षेत्र सफेद चादर से ढक गया है। बर्फ से ढके पहाड़ और आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने के साथ ही बर्फबारी के बीच प्रकृति के इस मनमोहक रूप का आनंद ले रहे हैं। हालांकि बर्फबारी के कारण कई स्थानों पर रास्तों में फिसलन बढ़ गई है। इसे देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस और एसडीआरएफ के जवान लगातार मौके पर तैनात हैं। जवान श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखने के साथ जरूरत पड़ने पर उनका हाथ थामकर फिसलन भरे रास्तों को पार करा रहे हैं। घांघरिया चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह लगातार जवानों से संपर्क में हैं और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। इधर मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने भी बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिले की सभी तहसीलों से बारिश और भूस्खलन से जुड़ी सूचनाएं लगातार प्राप्त की जा रही हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा लाइव सीसीटीवी के माध्यम से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने को कहा
मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से वार्ता कर सभी संबंधित जिलों और विभागों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखने और मौसम विभाग की चेतावनियों को तत्काल स्थानीय स्तर तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दल, मशीनरी तथा अन्य जरूरी संसाधन पूरी तरह तैयार रखें। राज्य में लगातार बदल रहे मौसम और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन की ओर से लोगों से भी सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की जा रही है।


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