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उत्तराखंड: मौसम ने फिर बदली करवट! कुमाऊं-गढ़वाल में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट! ऊंची चोटियों पर पहली बर्फबारी

editor
  • Awaaz Desk
  • October 07, 2026 08:10 AM
Uttarakhand: Weather takes a turn again! Rain and thunderstorm alert for Kumaon and Garhwal; first snowfall on high peaks.

देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद अब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने देहरादून समेत प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में आगामी 9 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं, 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली अच्छी बर्फबारी का दौर भी शुरू हो गया है। ऊंची चोटियों पर बर्फ गिरने के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी ठंड का असर बढ़ने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज  7 अक्टूबर को कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम के इस बदलाव का असर खासतौर पर पर्वतीय मार्गों और चारधाम यात्रा रूट पर पड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है। ऐसे में वर्तमान बारिश को मानसूनी गतिविधि नहीं माना जा रहा है। प्रदेश में मौसम बदलने की मुख्य वजह उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ है। इसके प्रभाव से उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बादल छाने, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ रही हैं। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा आगे बढ़ाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों से कहा है कि तेज बारिश, बिजली चमकने या खराब मौसम की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रुकें और जोखिम लेकर पर्वतीय मार्गों पर आगे न बढ़ें। खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है।
 


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